पिछले दशक में भारत के पर्यटन प्रयास ने नई अवसंरचना को विरासत संरक्षण से जोड़ा। स्वदेश दर्शन (विषयगत पर्यटन सर्किट) और PRASHAD (तीर्थ-स्थल विकास) जैसी योजनाएँ 2014-15 में शुरू हुईं, ई-वीज़ा सुविधा 150 से अधिक देशों तक बढ़ी, और देखो अपना देश जैसे अभियानों ने घरेलू यात्रा को प्रोत्साहित किया। भारत के यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों की संख्या 2026 में सारनाथ के साथ 45 पहुँची, किसी भी देश में छठी सबसे अधिक।
पर्यटन और विरासत
भारत के पर्यटन और विरासत क्षेत्र ने बहाली और स्थान-निर्माण का एक दशक देखा। तीर्थ गलियारे फिर बने, नए स्थल उभरे, और भारत के यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों की संख्या 2026 में सारनाथ के साथ 45 हुई — दुनिया में छठी सबसे अधिक। यह समयरेखा 2014 से प्रमुख विरासत और पर्यटन पड़ावों को दर्शाती है।

यह क्यों मायने रखता है पर्यटन एक बड़ा नियोक्ता और विदेशी-मुद्रा अर्जक है, और विरासत संरक्षण तय करता है कि भारत अपना इतिहास दुनिया के सामने कैसे प्रस्तुत करता है।
- यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल: 2026 तक 45 (विश्व में छठे सबसे अधिक)
- स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (2018): 182 मीटर पर दुनिया की सबसे ऊँची प्रतिमा
- स्रोत: पर्यटन / संस्कृति मंत्रालय / ASI / यूनेस्को




इतिहास
प्रमुख परियोजनाएँ
स्थान-निर्माण की एक लहर ने प्रमुख स्थलों को नया रूप दिया। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (2018), 182 मीटर पर दुनिया की सबसे ऊँची प्रतिमा, ने गुजरात में एक नया पर्यटन क्षेत्र बनाया। काशी विश्वनाथ (वाराणसी), महाकाल लोक (उज्जैन), केदारनाथ, सोमनाथ और अयोध्या में तीर्थ गलियारे फिर बने, जबकि चार धाम राजमार्ग से पहुँच सुधरी, और मार्च 2025 में केदारनाथ व हेमकुंड साहिब रोपवे को मंज़ूरी मिली। महाकुंभ 2025 ने रिकॉर्ड भीड़ खींची, और बौद्ध व विरासत सर्किट विस्तारित हुए।
यह कैसे काम करता है
भारत का पर्यटन दो अलग इंजनों पर चलता है। घरेलू पर्यटन — साल में अरबों यात्राएं, मुख्यतः तीर्थ व पारिवारिक — विशाल, स्थिर आधार है। विदेशी पर्यटन छोटा पर विदेशी मुद्रा में उच्च-मूल्य। सरकार की भूमिका सक्षम बनाने की है: सर्किट व सुविधाएं (थीमेड मार्गों हेतु स्वदेश दर्शन, तीर्थ स्थलों हेतु प्रसाद), ई-वीज़ा, व विपणन (इनक्रेडिबल इंडिया), जबकि राज्य व निजी खिलाड़ी आतिथ्य चलाते हैं।
आगे की राह
विदेशी आगमन 2024 में लगभग 1 करोड़ तक सुधरा, घरेलू यात्राएं अरबों में, और पर्यटन GDP का 5%+ व करोड़ों रोज़गार देता — 2047 तक 10 करोड़ विदेशी पर्यटक के लक्ष्य के साथ। अगला कदम भीड़ को देखभाल से संतुलित करना — भीड़-भरे विरासत स्थलों पर अवसंरचना व स्वच्छता सुधारना, पर्यटकों को कुछ हॉटस्पॉट से आगे फैलाना, और स्मारकों व पारिस्थितिकी की रक्षा।
आँकड़ों में
2026 तक 45 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल (विश्व में छठे सर्वाधिक)। 182 मीटर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी — दुनिया की सबसे ऊँची। 150+ देशों को ई-वीज़ा। स्वदेश दर्शन / PRASHAD सर्किट योजनाएँ। स्रोत: पर्यटन मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, ASI, यूनेस्को।
आँकड़े इस तिथि तक: 25 जुलाई 2026 तक
स्रोत: पर्यटन मंत्रालय / संस्कृति मंत्रालय / UNESCO — विरासत और पर्यटन की उपलब्धियाँ, 2014–2026। · लिंक