1999 की कारगिल समीक्षा समिति ने, जिसके अध्यक्ष के. सुब्रह्मण्यम थे, राष्ट्रीय सुरक्षा ढाँचे की समीक्षा की सिफ़ारिश की, और मंत्रियों के एक समूह ने 2001 में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष के पद की सिफ़ारिश की। अंडमान और निकोबार कमान 8 अक्टूबर 2001 को बनी, जिसके कमांडर-इन-चीफ़ थलसेना, नौसेना और वायुसेना से आते रहे हैं। प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त 2019 को CDS पद सृजित करने के इरादे की घोषणा की, और सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने 24 दिसंबर 2019 को इसे स्वीकृति दी। जनरल बिपिन रावत ने 1 जनवरी 2020 को पहले CDS का पदभार संभाला।
प्रमुख रक्षा अध्यक्ष और थिएटर कमान
प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (CDS) का पद सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने 24 दिसंबर 2019 को सृजित किया; मंत्रियों के एक समूह ने 2001 में इसकी सिफ़ारिश की थी। CDS सैन्य कार्य विभाग का सचिव के रूप में प्रमुख है, चीफ़्स ऑफ़ स्टाफ़ कमेटी का स्थायी अध्यक्ष है और तीनों सेनाओं से जुड़े मामलों पर रक्षा मंत्री का प्रधान सैन्य सलाहकार है, लेकिन तीनों सेना प्रमुखों सहित किसी पर सैन्य कमान नहीं रखता। विभाग के दायित्वों में संयुक्त या थिएटर कमान की स्थापना सहित सैन्य कमानों का पुनर्गठन शामिल है। एकीकृत थिएटर कमान अभी नहीं बनी हैं: मई 2025 में PIB के एक पृष्ठभूमि नोट में कहा गया कि सेना मुख्यालय स्तर पर अध्ययन इनकी संभावनाएँ तलाश रहे हैं, और 1 जून 2026 को रक्षा मंत्रालय ने 2001 में बनी अंडमान और निकोबार कमान को भारत की एकमात्र त्रि-सेवा ऑपरेशनल कमान बताया।

यह क्यों मायने रखता है 2019 के निर्णय में कहा गया कि यह सुधार सशस्त्र बलों को समन्वित रक्षा सिद्धांत और प्रक्रियाएँ लागू करने में सक्षम बनाएगा, और प्रशिक्षण, लॉजिस्टिक्स, अभियानों तथा ख़रीद की प्राथमिकता तय करने में अधिक संयुक्तता लाएगा। CDS को पहले CDS के पदभार ग्रहण के तीन वर्ष के भीतर तीनों सेनाओं के अभियानों, लॉजिस्टिक्स, परिवहन, प्रशिक्षण, सहायक सेवाओं, संचार तथा मरम्मत और रखरखाव में संयुक्तता लाने का दायित्व दिया गया।
- 24 दिसंबर 2019: सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने CDS का पद सृजित किया और सैन्य कार्य विभाग को स्वीकृति दी
- 23 अनुभागों का कार्य और लगभग 160 असैन्य अधिकारी व कर्मचारी रक्षा विभाग से सैन्य कार्य विभाग में स्थानांतरित (राज्यसभा उत्तर, फ़रवरी 2020)
- अंडमान और निकोबार कमान 8 अक्टूबर 2001 को बनी; जून 2026 में रक्षा मंत्रालय ने इसे भारत की एकमात्र त्रि-सेवा ऑपरेशनल कमान बताया
- दिसंबर 2023: तीन संयुक्त लॉजिस्टिक्स नोड स्थापित और चार और प्रक्रिया में; मेजर जनरल और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए साझा वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट लागू
- अंतर-सेवा संगठन अधिनियम, 2023: 15 अगस्त 2023 को स्वीकृति, 10 मई 2024 से लागू, नियम 27 मई 2025 से प्रभावी
- दिसंबर 2025: संयुक्तता और एकीकरण की 197 पहल चिह्नित, आठ नए संयुक्त सिद्धांत/मैनुअल जारी और पाँच संयुक्त सेवा प्रशिक्षण संस्थान कार्यरत

इतिहास
उल्लेखनीय उपलब्धि
संसद ने अगस्त 2023 में अंतर-सेवा संगठन (कमान, नियंत्रण और अनुशासन) विधेयक पारित किया, और 15 अगस्त 2023 को इसे राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली। कर्मी केवल अपने-अपने सेवा अधिनियमों, सेना अधिनियम 1950, नौसेना अधिनियम 1957 और वायुसेना अधिनियम 1950, से शासित होते थे, इसलिए अंतर-सेवा प्रतिष्ठानों में अनुशासनात्मक कार्यवाही का सामना कर रहे कर्मियों को उनकी मूल सेवा इकाइयों में वापस भेजा जाता था। अधिनियम अंतर-सेवा संगठनों के कमांडर-इन-चीफ़ और ऑफ़िसर-इन-कमांड को उनके अधीन सेवारत तीनों सेनाओं के कर्मियों पर अनुशासनात्मक और प्रशासनिक शक्तियाँ देता है, और सेवा अधिनियमों में कोई बदलाव नहीं करता। यह 10 मई 2024 से लागू हुआ, और 27 मई 2025 से इसके नियम प्रभावी होने पर रक्षा मंत्रालय ने कहा कि अधिनियम पूरी तरह लागू हो गया है।
यह कैसे काम करता है
CDS एक चार-सितारा अधिकारी है जो सैन्य कार्य विभाग का सचिव के रूप में प्रमुख है, चीफ़्स ऑफ़ स्टाफ़ कमेटी का स्थायी अध्यक्ष है और तीनों सेनाओं से जुड़े सभी मामलों पर रक्षा मंत्री का प्रधान सैन्य सलाहकार है। तीनों सेना प्रमुख केवल अपनी-अपनी सेना से जुड़े मामलों पर रक्षा मंत्री को सलाह देते रहते हैं, और CDS उन सहित किसी पर सैन्य कमान नहीं रखता। CDS त्रि-सेवा संगठनों का प्रशासन करता है, रक्षा अधिग्रहण परिषद का सदस्य है और परमाणु कमान प्राधिकरण का सैन्य सलाहकार है। विभाग के विषयों में थलसेना, नौसेना और वायुसेना तथा संयुक्त/थिएटर कमान की स्थापना सहित सैन्य कमानों का पुनर्गठन शामिल है; रक्षा विभाग से 23 अनुभागों का कार्य और लगभग 160 असैन्य अधिकारी व कर्मचारी इसमें स्थानांतरित हुए।
आगे की राह
एकीकृत थिएटर कमान अभी नहीं बनी हैं। 2025 को सुधार वर्ष घोषित करते हुए रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सुधारों से एकीकृत थिएटर कमान की स्थापना सुगम होनी चाहिए, और 18 मई 2025 के PIB पृष्ठभूमि नोट में कहा गया कि सेना मुख्यालय स्तर पर अध्ययन स्थलीय सीमाओं, समुद्री क्षेत्र और संयुक्त/एकीकृत वायु रक्षा के लिए थिएटर कमान की संभावनाएँ तलाश रहे हैं। 31 दिसंबर 2025 की वर्षांत समीक्षा में मंत्रालय ने संयुक्तता और एकीकरण बढ़ाने की 197 पहल, आठ नए संयुक्त सिद्धांत/मैनुअल और पाँच कार्यरत संयुक्त सेवा प्रशिक्षण संस्थान गिनाए। 1 जून 2026 को, जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि के तीसरे CDS के रूप में पदभार संभालने के एक दिन बाद, मंत्रालय ने अंडमान और निकोबार कमान को भारत की एकमात्र त्रि-सेवा ऑपरेशनल कमान बताया।
आँकड़ों में
24 दिसंबर 2019 CDS पद और सैन्य कार्य विभाग स्वीकृत। 1 जनवरी 2020 पहले CDS ने पदभार संभाला। 3 संयुक्त लॉजिस्टिक्स नोड 2021 से कार्यरत, 4 और प्रक्रिया में (दिसंबर 2023)। 27 मई 2025 अंतर-सेवा संगठन अधिनियम के तहत नियम प्रभावी। संयुक्तता और एकीकरण की 197 पहल चिह्नित (दिसंबर 2025)। 31 मई 2026 तीसरे CDS ने पदभार संभाला। स्रोत: रक्षा मंत्रालय (PIB के माध्यम से); PIB पृष्ठभूमि नोट; भारत का राजपत्र।
आँकड़े इस तिथि तक: 1 जून 2026 तक
स्रोत: रक्षा मंत्रालय (PIB के माध्यम से), PIB पृष्ठभूमि नोट और भारत का राजपत्र — समयरेखा में सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडल समिति द्वारा प्रमुख रक्षा अध्यक्ष का पद और सैन्य कार्य विभाग बनाने के निर्णय (24 दिसंबर 2019), पहले CDS के पदभार ग्रहण (1 जनवरी 2020), पहले संयुक्त लॉजिस्टिक्स नोड (2021), दूसरे CDS (30 सितंबर 2022), अंतर-सेवा संगठन (कमान, नियंत्रण और अनुशासन) अधिनियम (2023), उसके लागू होने (10 मई 2024), उसके नियमों (27 मई 2025) और तीसरे CDS (31 मई 2026) की तिथियाँ हैं; शीर्ष आँकड़ा, संयुक्तता और एकीकरण की 197 पहल, 31 दिसंबर 2025 की रक्षा मंत्रालय वर्षांत समीक्षा (लिंक) से है। · लिंक