अपने आकार के देश के लिए, भारत लंबे समय तक वैश्विक खेल में कम प्रदर्शन करता रहा। दो पहलों ने इसे बदलने का लक्ष्य रखा: 2014 से टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS), जो अभिजात पदक-संभावनाओं के प्रशिक्षण को वित्त व समर्थन देती है, और 2018 से खेलो इंडिया, जो स्कूल व समुदाय स्तर से खेल बनाता है और युवा एथलीटों के लिए खेलो इंडिया खेल चलाता है।
खेल · खेलो इंडिया
भारत अंतरराष्ट्रीय खेल में लंबे समय तक अपनी क्षमता से कम प्रदर्शन करता रहा, पर पिछले दशक में एक संगठित प्रयास आया। टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (2014) अभिजात एथलीटों को वित्त देती है, और खेलो इंडिया (2018) स्कूल व ज़मीनी स्तर से खेल बनाता है। परिणाम आए: टोक्यो 2020 में सर्वश्रेष्ठ 7 ओलंपिक पदक, 2023 में 100 से अधिक एशियाई खेल पदक, और पेरिस 2024 में रिकॉर्ड पैरालंपिक पदक। यह समयरेखा पड़ावों को दर्शाती है।

यह क्यों मायने रखता है खेल सफलता राष्ट्रीय गर्व बनाती है और युवाओं को प्रेरित करती है, और ज़मीनी खेल पूरे देश में स्वास्थ्य, अनुशासन और अवसर सुधारता है।
- एशियाई खेल पदक: 57 (2014) → 107 (2023)
- सर्वश्रेष्ठ 7 ओलंपिक (2020) व 29 पैरालंपिक (2024) पदक
- स्रोत: युवा मामले एवं खेल मंत्रालय
इतिहास
प्रमुख परिणाम
परिणाम पदक तालिका पर दिखते हैं। भारत ने टोक्यो 2020 ओलंपिक में सर्वश्रेष्ठ 7 पदक जीते, नीरज चोपड़ा के भाला स्वर्ण की अगुवाई में; किसी एशियाई खेल में पहली बार 100 पदक पार किए (हांगझोऊ 2023 में 107); और पेरिस 2024 में रिकॉर्ड 29 पैरालंपिक पदक जीते। एशियाई खेल पदक 57 (2014) से 70 (2018) से 107 (2023) तक लगातार बढ़े।
यह कैसे काम करता है
भारत का खेल प्रयास मैदान से पोडियम तक एक पाइपलाइन के रूप में चलता है। आधार पर, खेलो इंडिया स्कूल व विश्वविद्यालय खेल, प्रतिभा खोज व स्थानीय खेल अवसंरचना वित्तपोषित करता है। शीर्ष पर, टार्गेट ओलंपिक पोडियम योजना (TOPS) शीर्ष एथलीट चुनकर उनके प्रशिक्षण, कोचिंग, उपकरण व विदेशी अनुभव वित्तपोषित करता है।
आगे की राह
रणनीति ने परिणाम दिखाए — भारत ने टोक्यो 2020 में अपने सर्वश्रेष्ठ 7 पदक (नीरज चोपड़ा के एतिहासिक भाला-स्वर्ण सहित) व पेरिस 2024 में 6 जीते — और खेलो इंडिया केंद्र अब देश भर में। लंबा खेल आधार व्यापक करना — भारत का पदक आंकड़ा आकार के लिए अभी भी छोटा, इसलिए कार्य गहरी जमीनी भागीदारी, अधिक खेलों में बेहतर सुविधाएं व कोचिंग, व एक वास्तविक खेल संस्कृति बनाना है।
आगे का रास्ता
लंबी दौड़ आधार को व्यापक करना है — भारत के पदक कुछ खेलों में केंद्रित हैं, इसलिए ज़मीनी सुविधाएँ शहरों से आगे फैलाना ही एक बड़ी युवा आबादी को निरंतर ओलंपिक गहराई में बदलता है।
आँकड़ों में
57 → 107 एशियाई खेल पदक (2014→2023)। 7 ओलंपिक पदक (टोक्यो 2020, सर्वश्रेष्ठ)। 29 पैरालंपिक पदक (पेरिस 2024, रिकॉर्ड)। TOPS + खेलो इंडिया। स्रोत: युवा मामले एवं खेल मंत्रालय, IOA।
स्रोत: Ministry of Youth Affairs & Sports — major sporting milestones and results, 2014–2024.