CCTNS जून 2009 में ₹2,000 करोड़ के परिव्यय के साथ पुलिस कामकाज को कंप्यूटरीकृत करने और सभी पुलिस थानों को जोड़ने के लिए शुरू हुआ। नवंबर 2015 में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने इसके विस्तार और पुनर्गठन को मंज़ूरी दी। जेलें राज्य सूची का विषय हैं और कारागार अधिनियम, 1894 से संचालित थीं, जो हिरासत और अनुशासन पर केंद्रित था और उसमें सुधार का कोई प्रावधान नहीं था। गृह मंत्रालय ने मई 2016 में राज्यों को मॉडल जेल मैनुअल भेजा।
पुलिस व जेल सुधार
पुलिस और जेलें राज्यों द्वारा चलाई जाती हैं, और केंद्र सरकार योजनाओं व मॉडल क़ानूनों के ज़रिए उनकी सहायता करती है। जून 2009 में शुरू हुआ CCTNS अब हर पुलिस थाने को जोड़ता है: 1 फ़रवरी 2026 तक सभी 17,798 थाने इसका उपयोग कर रहे थे। अंतर-संचालनीय आपराधिक न्याय प्रणाली CCTNS को ई-फोरेंसिक, ई-अभियोजन, ई-कोर्ट्स और ई-प्रिज़न्स से जोड़ती है; जून 2025 तक ई-प्रिज़न्स 1,373 जेलों में लागू था। राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय 2020 में स्थापित हुआ, और मॉडल जेल एवं सुधारात्मक सेवा अधिनियम, 2023 मई 2023 में राज्यों को भेजा गया। टाइमलाइन प्रमुख पड़ाव दिखाती है।

यह क्यों मायने रखता है जब पुलिस रिकॉर्ड, फोरेंसिक रिपोर्ट, अदालती फ़ाइलें और जेल रिकॉर्ड एक जुड़ी प्रणाली में हों, तो मामला कम काग़ज़ी काम और कम देरी के साथ आगे बढ़ता है। प्रशिक्षित फोरेंसिक कर्मी साक्ष्य को अधिक विश्वसनीय बनाते हैं, और लंबे समय से हिरासत में रखे विचाराधीन कैदियों के लिए ज़मानत के प्रावधान मुकदमा पूरा होने से पहले जेल में बिताया समय घटाते हैं।
- 1 फ़रवरी 2026 तक सभी 17,798 पुलिस थाने CCTNS का उपयोग कर रहे थे।
- जून 2025 तक ई-फोरेंसिक 117 फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं में, ई-अभियोजन 751 अभियोजन ज़िलों में, ई-कोर्ट्स 3,637 न्यायालय परिसरों में और ई-प्रिज़न्स 1,373 जेलों में लागू था।
- BNSS (1 जुलाई 2024 से लागू) के तहत सात वर्ष या अधिक सज़ा वाले अपराधों में फोरेंसिक विशेषज्ञ का घटनास्थल पर जाना अनिवार्य है।
- BNSS धारा 479: अधिकतम सज़ा का आधा समय हिरासत में बिता चुके विचाराधीन कैदी को ज़मानत पर, और पहली बार के अपराधी को एक-तिहाई समय के बाद बॉन्ड पर रिहा किया जाना है (1 जुलाई 2024 से)।
- अगस्त 2025 तक किसी भी राज्य सरकार ने गृह मंत्रालय को मॉडल जेल अधिनियम, 2023 अपनाने की पुष्टि नहीं की थी।
इतिहास
उल्लेखनीय उपलब्धि
1 फ़रवरी 2026 तक सभी 17,798 पुलिस थाने CCTNS का उपयोग कर रहे थे, जबकि जुलाई 2019 में 14,874 थाने इसमें शामिल थे। जून 2025 तक बाक़ी स्तंभ भी ऑनलाइन थे: 117 प्रयोगशालाओं में ई-फोरेंसिक, 751 अभियोजन ज़िलों में ई-अभियोजन, 3,637 न्यायालय परिसरों में ई-कोर्ट्स और 1,373 जेलों में ई-प्रिज़न्स। अंतर-संचालनीय आपराधिक न्याय प्रणाली इन्हें जोड़ती है ताकि पुलिस, फोरेंसिक, अभियोजन, अदालतों और जेलों के बीच डेटा आ-जा सके।
यह कैसे काम करता है
पुलिस बलों का आधुनिकीकरण अम्ब्रेला योजना उपकरण, तकनीक, फोरेंसिक और सुरक्षा ख़र्च के लिए धन देती है; 2021-22 से 2025-26 के लिए इसका केंद्रीय परिव्यय ₹26,275 करोड़ है। ICJS चरण-II (₹3,375 करोड़, 2022-23 से 2025-26) राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के साथ लागू कर रहा है, और इसका उद्देश्य SMART पुलिसिंग की ओर बढ़ना है। BNSS के तहत सात वर्ष या अधिक सज़ा वाले अपराधों में फोरेंसिक विशेषज्ञ का घटनास्थल पर जाना अनिवार्य है। राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (2020) फोरेंसिक कर्मियों को प्रशिक्षित करता है, जिसे 2024-25 से 2028-29 के लिए ₹2,254.43 करोड़ की अवसंरचना योजना का सहारा है।
आगे की राह
मॉडल जेल एवं सुधारात्मक सेवा अधिनियम, 2023 पैरोल, फ़र्लो और सज़ा में छूट, महिला व ट्रांसजेंडर कैदियों की सुरक्षा तथा पुनर्वास को शामिल करता है, पर राज्यों को अपने क़ानून बनाने होंगे; अगस्त 2025 तक किसी ने इसे अपनाने की पुष्टि नहीं की थी। विचाराधीन कैदियों पर मंत्रालय ने 1 जनवरी 2025 को राज्यों को सलाह दी कि BNSS धारा 479 को एक बार की कवायद नहीं, बल्कि लगातार लागू करें। फोरेंसिक अवसंरचना योजना, जिसमें NFSU के 9 ऑफ़-कैंपस (₹1,309.13 करोड़) शामिल हैं, 2028-29 तक चलेगी।
आँकड़ों में
CCTNS का उपयोग करने वाले 17,798 पुलिस थाने (1 फ़रवरी 2026)। ई-प्रिज़न्स पर 1,373 जेलें और ई-फोरेंसिक पर 117 प्रयोगशालाएँ (जून 2025)। पुलिस आधुनिकीकरण के लिए ₹26,275 करोड़ केंद्रीय परिव्यय (2021-22 से 2025-26)। ICJS चरण-II के लिए ₹3,375 करोड़। BNSS धारा 479 के तहत 951 विचाराधीन कैदियों की पहचान और 334 को ज़मानत (26 नवंबर 2024 तक)। स्रोत: गृह मंत्रालय, NCRB, PIB।
आँकड़े इस तिथि तक: 1 फ़रवरी 2026 तक, 11 मार्च 2026 की रिपोर्ट
स्रोत: गृह मंत्रालय, PIB के माध्यम से — पुलिस आधुनिकीकरण, फोरेंसिक और जेल सुधार के दिनांकित पड़ाव, 2015–2026। मुख्य आँकड़ा: राज्यसभा में 11 मार्च 2026 का लिखित उत्तर, जिसके अनुसार 1 फ़रवरी 2026 तक सभी 17,798 पुलिस थाने CCTNS का उपयोग कर रहे हैं (लिंक)। पिछले उत्तरों में 17,792 (1 जनवरी 2026) और 17,712 (जून 2025) बताए गए थे। · लिंक