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मीडिया, सिनेमा व OTT

मीडिया, सिनेमा व OTT

भारत का मीडिया व मनोरंजन (M&E) क्षेत्र — फ़िल्म, टीवी, संगीत, डिजिटल व स्ट्रीमिंग — 2024 में ₹2.5 लाख करोड़ (लगभग $30 अरब) पार कर गया। दशक की कहानी डिजिटल की ओर बदलाव है: OTT स्ट्रीमिंग, मोबाइल-प्रथम दर्शन व क्षेत्रीय-भाषा कंटेंट। काउंटर M&E क्षेत्र का आकार दिखाता है (सांकेतिक)।

Ramoji Film city entrance, Hyderabad
Ramoji Film city entrance, Hyderabad · Wikimedia Commons
Rs 2.5 lakh cr
M&E क्षेत्र (2024)
1st WAVES
शिखर सम्मेलन · मुंबई 2025
52%
क्षेत्रीय भाषाओं में OTT ओरिजिनल
M&E sector (2024)
M&E sector size
वर्षM&E sector size
20141 Rs lakh cr
20161 Rs lakh cr
20182 Rs lakh cr
20201 Rs lakh cr
20222 Rs lakh cr
20243 Rs lakh cr
20263 Rs lakh cr
2014
0Rs lakh cr
M&E sector size
20142026
Since 2014
Added
+2 Rs lakh cr
2014
1 Rs lakh cr
2026
3 Rs lakh cr

यह क्यों मायने रखता है भारत दुनिया का सबसे बड़ा फ़िल्म निर्माता है व अब सबसे तेज़ी से बढ़ते स्ट्रीमिंग बाज़ारों में से एक। सस्ता डेटा व 80 करोड़ ब्रॉडबैंड कनेक्शन हर जेब में एक सिनेमा रखते हैं। M&E सॉफ़्ट पावर, नौकरियाँ व निर्यात है — भारतीय कहानियाँ, संगीत व खेल एक वैश्विक दर्शक तक पहुँचते हुए।

  • भारत का M&E क्षेत्र 2024 में लगभग ₹2.5 लाख करोड़ (~$30 अरब) तक पहुँचा (FICCI-EY)।
  • OTT सबसे तेज़ी से बढ़ते खंडों में है (~15% CAGR); डिजिटल टेलीविज़न से आगे निकल रहा है।
  • लगभग 52% ओरिजिनल OTT कंटेंट अब क्षेत्रीय भाषाओं में बनता है, केवल हिंदी/अंग्रेज़ी में नहीं।
  • भारत ने पहला WAVES शिखर सम्मेलन मुंबई में आयोजित किया (मई 2025) — 100+ देश व $1.1 अरब के सौदे।

इतिहास

भारत दशकों से दुनिया का सबसे विपुल फ़िल्म उद्योग रहा है — मुंबई में बॉलीवुड व फलते-फूलते तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, बंगाली व अन्य फ़िल्म उद्योग। अधिकांश समय, सिनेमाघर व टेलीविज़न राज करते थे। 2010 के दशक में एक व्यवधान आया: सस्ता मोबाइल डेटा व स्मार्टफ़ोन ने करोड़ों जेबों में स्क्रीन रख दी।

उल्लेखनीय उपलब्धि

भारत ने अपना पहला WAVESविश्व दृश्य-श्रव्य व मनोरंजन शिखर सम्मेलनमई 2025 में मुंबई में आयोजित किया, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री ने किया। इसने 100 से अधिक देशों, 3,100 कंपनियों व 1,00,000 प्रतिभागियों को आकर्षित किया, व $1.1 अरब से अधिक के मीडिया सौदों की सूचना दी — भारत का एक वैश्विक कंटेंट हब बनने का प्रयास।

यह कैसे काम करता है

इंजन डिजिटल है। OTT प्लेटफ़ॉर्म — वैश्विक नामों से लेकर JioHotstar जैसे भारतीय खिलाड़ियों तक — फ़िल्म, सीरीज़, खेल व संगीत फ़ोन पर स्ट्रीम करते हैं, सदस्यता व विज्ञापन से वित्तपोषित। महत्वपूर्ण रूप से, नए OTT ओरिजिनल का आधे से अधिक क्षेत्रीय भाषाओं में है, हिंदी व अंग्रेज़ी से परे विशाल दर्शक खोलते हुए।

आगे की राह

M&E क्षेत्र लगभग 8-10% वार्षिक बढ़ता रहने वाला है, डिजिटल के टेलीविज़न से आगे सबसे बड़े खंड के रूप में निकलते हुए। OTT के साथ, लाइव इवेंट, संगीत व भारत के एनिमेशन/VFX व गेमिंग उद्योग (आपका रचनात्मक अर्थव्यवस्था क्षेत्र) सबसे तेज़ी से बढ़ते 'उदय' खंडों में हैं।

आगे का रास्ता

वृद्धि चुनौतियाँ लाती है: 'सब्सक्रिप्शन थकान' जब दर्शक कई प्लेटफ़ॉर्म हेतु भुगतान से थक जाते हैं, पायरेसी, व कंटेंट विनियमन तथा नैतिक AI पर बहसें (WAVES घोषणा ने इन्हें संबोधित किया)। विशाल दर्शक-संख्या को टिकाऊ लाभ में बदलना — व भारतीय कंटेंट तथा फ़ॉर्मैट को वैश्विक रूप से निर्यात करना — अगला अध्याय है।

आँकड़ों में

₹2.5 लाख करोड़ (~$30 अरब) M&E क्षेत्र (2024)। OTT हेतु ~15% CAGR — दुनिया में सबसे तेज़ में से। OTT ओरिजिनल का 52% क्षेत्रीय भाषाओं में। WAVES 2025 — पहला शिखर सम्मेलन, मुंबई, $1.1 अरब सौदे। स्रोत: FICCI-EY, PwC, PIB।

स्रोत: FICCI-EY / PwC — India's Media & Entertainment sector size, 2014→2026. Curve illustrative.