भारत दशकों से दुनिया का सबसे विपुल फ़िल्म उद्योग रहा है — मुंबई में बॉलीवुड व फलते-फूलते तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, बंगाली व अन्य फ़िल्म उद्योग। अधिकांश समय, सिनेमाघर व टेलीविज़न राज करते थे। 2010 के दशक में एक व्यवधान आया: सस्ता मोबाइल डेटा व स्मार्टफ़ोन ने करोड़ों जेबों में स्क्रीन रख दी।
मीडिया, सिनेमा व OTT
पीआईबी द्वारा उद्धृत FICCI-EY रिपोर्ट के अनुसार, भारत का मीडिया व मनोरंजन (M&E) क्षेत्र — फ़िल्म, टीवी, संगीत, डिजिटल व स्ट्रीमिंग — 2025 में 9% बढ़कर ₹2.78 लाख करोड़ हो गया। दशक की कहानी डिजिटल की ओर बदलाव है: डिजिटल मीडिया पहली बार ₹1 लाख करोड़ के पार पहुँचा, जिसे स्ट्रीमिंग, मोबाइल पर देखने व क्षेत्रीय-भाषा कंटेंट ने गति दी।

यह क्यों मायने रखता है भारत दुनिया का सबसे बड़ा फ़िल्म निर्माता है — 2020–21 से 2024–25 के पाँच वर्षों में CBFC ने 71,963 फ़िल्में प्रमाणित कीं — और अनुमानतः 9.5–11.8 करोड़ लोग अब स्ट्रीमिंग के लिए भुगतान करते हैं। सस्ता डेटा व 106 करोड़ से अधिक ब्रॉडबैंड सब्सक्रिप्शन हर जेब में एक सिनेमा रखते हैं। M&E सॉफ़्ट पावर, नौकरियाँ व निर्यात है — भारतीय कहानियाँ, संगीत व खेल एक वैश्विक दर्शक तक पहुँचते हुए।
- भारत का M&E क्षेत्र 2025 में 9% बढ़कर ₹2.78 लाख करोड़ तक पहुँचा (FICCI-EY रिपोर्ट, पीआईबी के माध्यम से)।
- डिजिटल मीडिया 2025 में पहली बार ₹1 लाख करोड़ के पार पहुँचा, जो क्षेत्र की वृद्धि का सबसे बड़ा चालक है; डिजिटल विज्ञापन में 26% की उछाल आई।
- CBFC ने 2020–21 से 2024–25 के पाँच वर्षों में 71,963 फ़िल्में प्रमाणित कीं (सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, फ़रवरी 2026)।
- भारत ने मुंबई में WAVES 2025 की मेज़बानी की (मई 2025): 100+ देशों से 1 लाख से अधिक प्रतिभागी, और ₹8,000 करोड़ के समझौता ज्ञापन।

इतिहास
उल्लेखनीय उपलब्धि
भारत ने WAVES 2025 — विश्व दृश्य-श्रव्य व मनोरंजन शिखर सम्मेलन — मई 2025 में मुंबई में आयोजित किया, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री ने किया। इसमें 100 से अधिक देशों से 1 लाख से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए, जिनमें 10,000 से अधिक प्रतिनिधि, 300+ कंपनियाँ व 350 स्टार्टअप थे। ₹8,000 करोड़ के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए, और WAVES बाज़ार में 3,000+ व्यावसायिक बैठकों से ₹800 करोड़ से अधिक का कारोबार हुआ — भारत का एक वैश्विक कंटेंट हब बनने का प्रयास।
यह कैसे काम करता है
इंजन डिजिटल है। OTT प्लेटफ़ॉर्म — वैश्विक नामों से लेकर JioHotstar जैसे भारतीय खिलाड़ियों तक — फ़िल्म, सीरीज़, खेल व संगीत फ़ोन पर स्ट्रीम करते हैं, सदस्यता व विज्ञापन से वित्तपोषित। अनुमानतः 9.5–11.8 करोड़ लोग अब स्ट्रीमिंग के लिए भुगतान करते हैं (सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा उद्धृत उद्योग अनुमान), और सार्वजनिक प्रसारक के निःशुल्क प्लेटफ़ॉर्म WAVES OTT के 84 लाख से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं, जिस पर अनेक भारतीय भाषाओं में कंटेंट है।
आगे की राह
पीआईबी द्वारा उद्धृत FICCI-EY रिपोर्ट का अनुमान है कि M&E क्षेत्र 2028 तक ₹3.3 लाख करोड़ तक पहुँचेगा, जिसे डिजिटल मीडिया, लाइव इवेंट, फ़िल्में व एनिमेशन/VFX गति देंगे, और राजस्व का आधे से अधिक हिस्सा न्यू मीडिया से आएगा। OTT के साथ, लाइव इवेंट, संगीत व भारत के एनिमेशन/VFX व गेमिंग उद्योग (आपका रचनात्मक अर्थव्यवस्था क्षेत्र) 'उदय' खंडों में हैं।
आँकड़ों में
₹2.78 लाख करोड़ M&E क्षेत्र (2025), एक वर्ष में 9% वृद्धि (FICCI-EY, पीआईबी के माध्यम से)। CBFC द्वारा 2020–21 से 2024–25 के पाँच वर्षों में 71,963 फ़िल्में प्रमाणित (फ़रवरी 2026)। 106 करोड़+ ब्रॉडबैंड सब्सक्रिप्शन (मार्च 2026)। WAVES 2025 — मुंबई, 100+ देशों से 1 लाख+ प्रतिभागी, ₹8,000 करोड़ के समझौता ज्ञापन। स्रोत: पीआईबी, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, CBFC, TRAI।
आँकड़े इस तिथि तक: कैलेंडर वर्ष 2025
स्रोत: पीआईबी, 24 मार्च 2026 (लिंक), FICCI-EY मीडिया व मनोरंजन रिपोर्ट के हवाले से: भारत का M&E क्षेत्र 2025 में 9% बढ़कर ₹2.78 लाख करोड़ हो गया। यह सरकार द्वारा उद्धृत एक उद्योग अनुमान है। कोई आधिकारिक वर्षवार शृंखला उपलब्ध नहीं है, इसलिए कोई चार्ट नहीं दिखाया गया है। · लिंक