भारत दशकों से दुनिया का सबसे विपुल फ़िल्म उद्योग रहा है — मुंबई में बॉलीवुड व फलते-फूलते तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, बंगाली व अन्य फ़िल्म उद्योग। अधिकांश समय, सिनेमाघर व टेलीविज़न राज करते थे। 2010 के दशक में एक व्यवधान आया: सस्ता मोबाइल डेटा व स्मार्टफ़ोन ने करोड़ों जेबों में स्क्रीन रख दी।
मीडिया, सिनेमा व OTT
भारत का मीडिया व मनोरंजन (M&E) क्षेत्र — फ़िल्म, टीवी, संगीत, डिजिटल व स्ट्रीमिंग — 2024 में ₹2.5 लाख करोड़ (लगभग $30 अरब) पार कर गया। दशक की कहानी डिजिटल की ओर बदलाव है: OTT स्ट्रीमिंग, मोबाइल-प्रथम दर्शन व क्षेत्रीय-भाषा कंटेंट। काउंटर M&E क्षेत्र का आकार दिखाता है (सांकेतिक)।

| वर्ष | M&E sector size |
|---|---|
| 2014 | 1 Rs lakh cr |
| 2016 | 1 Rs lakh cr |
| 2018 | 2 Rs lakh cr |
| 2020 | 1 Rs lakh cr |
| 2022 | 2 Rs lakh cr |
| 2024 | 3 Rs lakh cr |
| 2026 | 3 Rs lakh cr |
यह क्यों मायने रखता है भारत दुनिया का सबसे बड़ा फ़िल्म निर्माता है व अब सबसे तेज़ी से बढ़ते स्ट्रीमिंग बाज़ारों में से एक। सस्ता डेटा व 80 करोड़ ब्रॉडबैंड कनेक्शन हर जेब में एक सिनेमा रखते हैं। M&E सॉफ़्ट पावर, नौकरियाँ व निर्यात है — भारतीय कहानियाँ, संगीत व खेल एक वैश्विक दर्शक तक पहुँचते हुए।
- भारत का M&E क्षेत्र 2024 में लगभग ₹2.5 लाख करोड़ (~$30 अरब) तक पहुँचा (FICCI-EY)।
- OTT सबसे तेज़ी से बढ़ते खंडों में है (~15% CAGR); डिजिटल टेलीविज़न से आगे निकल रहा है।
- लगभग 52% ओरिजिनल OTT कंटेंट अब क्षेत्रीय भाषाओं में बनता है, केवल हिंदी/अंग्रेज़ी में नहीं।
- भारत ने पहला WAVES शिखर सम्मेलन मुंबई में आयोजित किया (मई 2025) — 100+ देश व $1.1 अरब के सौदे।

इतिहास
उल्लेखनीय उपलब्धि
भारत ने अपना पहला WAVES — विश्व दृश्य-श्रव्य व मनोरंजन शिखर सम्मेलन — मई 2025 में मुंबई में आयोजित किया, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री ने किया। इसने 100 से अधिक देशों, 3,100 कंपनियों व 1,00,000 प्रतिभागियों को आकर्षित किया, व $1.1 अरब से अधिक के मीडिया सौदों की सूचना दी — भारत का एक वैश्विक कंटेंट हब बनने का प्रयास।
यह कैसे काम करता है
इंजन डिजिटल है। OTT प्लेटफ़ॉर्म — वैश्विक नामों से लेकर JioHotstar जैसे भारतीय खिलाड़ियों तक — फ़िल्म, सीरीज़, खेल व संगीत फ़ोन पर स्ट्रीम करते हैं, सदस्यता व विज्ञापन से वित्तपोषित। महत्वपूर्ण रूप से, नए OTT ओरिजिनल का आधे से अधिक क्षेत्रीय भाषाओं में है, हिंदी व अंग्रेज़ी से परे विशाल दर्शक खोलते हुए।
आगे की राह
M&E क्षेत्र लगभग 8-10% वार्षिक बढ़ता रहने वाला है, डिजिटल के टेलीविज़न से आगे सबसे बड़े खंड के रूप में निकलते हुए। OTT के साथ, लाइव इवेंट, संगीत व भारत के एनिमेशन/VFX व गेमिंग उद्योग (आपका रचनात्मक अर्थव्यवस्था क्षेत्र) सबसे तेज़ी से बढ़ते 'उदय' खंडों में हैं।
आगे का रास्ता
वृद्धि चुनौतियाँ लाती है: 'सब्सक्रिप्शन थकान' जब दर्शक कई प्लेटफ़ॉर्म हेतु भुगतान से थक जाते हैं, पायरेसी, व कंटेंट विनियमन तथा नैतिक AI पर बहसें (WAVES घोषणा ने इन्हें संबोधित किया)। विशाल दर्शक-संख्या को टिकाऊ लाभ में बदलना — व भारतीय कंटेंट तथा फ़ॉर्मैट को वैश्विक रूप से निर्यात करना — अगला अध्याय है।
आँकड़ों में
₹2.5 लाख करोड़ (~$30 अरब) M&E क्षेत्र (2024)। OTT हेतु ~15% CAGR — दुनिया में सबसे तेज़ में से। OTT ओरिजिनल का 52% क्षेत्रीय भाषाओं में। WAVES 2025 — पहला शिखर सम्मेलन, मुंबई, $1.1 अरब सौदे। स्रोत: FICCI-EY, PwC, PIB।
स्रोत: FICCI-EY / PwC — India's Media & Entertainment sector size, 2014→2026. Curve illustrative.