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श्रम और सामाजिक सुरक्षा

श्रम और सामाजिक सुरक्षा

भारत का अधिकांश कार्यबल अनौपचारिक क्षेत्र में है — फुटपाथ विक्रेता, निर्माण श्रमिक, गिग श्रमिक — ऐतिहासिक रूप से किसी सामाजिक-सुरक्षा जाल के बाहर। e-Shram पोर्टल (2021) ने अनौपचारिक श्रमिकों का पहला राष्ट्रीय डेटाबेस बनाया, 30 करोड़ से अधिक (लगभग 54% महिलाएँ) को पंजीकृत करते हुए और उन्हें कल्याण योजनाओं की ओर जोड़ते हुए। 29 पुराने क़ानूनों की जगह लेने वाले चार श्रम कोड 21 नवंबर 2025 से लागू हुए। काउंटर e-Shram पंजीकरण दिखाता है।

चिनाब पुल निर्माण स्थल पर एक मजदूर
चिनाब पुल निर्माण स्थल पर एक मजदूर · Ojhayogesh · CC BY-SA 4.0 · Wikimedia Commons
31.9 करोड़
e-Shram पंजीकरण (अगस्त 2026)
~54%
पंजीकृतों में महिलाएँ
21 नवंबर 2025
श्रम संहिताएँ लागू
ई-श्रम पंजीकरण (अगस्त 2021 → अगस्त 2026)
ई-श्रम पंजीकरण (अगस्त 2021 → अगस्त 2026)
वर्षई-श्रम पंजीकरण (अगस्त 2021 → अगस्त 2026)
202115.5 करोड़
202329.2 करोड़
202430.5 करोड़
202531.4 करोड़
202631.9 करोड़
बिंदुदार पट्टियाँ वे वर्ष हैं जिनके आँकड़े स्रोत प्रकाशित नहीं करता; प्रकाशित वर्षों के बीच का आकार खींचा गया है, मापा नहीं गया।
2021
0.0करोड़
ई-श्रम पंजीकरण (अगस्त 2021 → अगस्त 2026)
20212026
2021 से
वृद्धि
+16.4 करोड़
2021
15.5 करोड़
2026
31.9 करोड़
बिंदुदार पट्टियाँ वे वर्ष हैं जिनके आँकड़े स्रोत प्रकाशित नहीं करता; प्रकाशित वर्षों के बीच का आकार खींचा गया है, मापा नहीं गया।

यह क्यों मायने रखता है अनौपचारिक श्रमिकों का रजिस्टर उन्हें बीमा, पेंशन और पोर्टेबल लाभ देने का पहला क़दम है — सुरक्षा जाल को उन तक बढ़ाना जिन्हें सबसे अधिक ज़रूरत है।

  • e-Shram: 31.89 करोड़ श्रमिक पंजीकृत (अगस्त 2021 → अगस्त 2026)
  • 54% महिलाएँ; 29 क़ानूनों की जगह 4 श्रम कोड 21 नवंबर 2025 से लागू
  • स्रोत: श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय

इतिहास

भारत के अधिकांश श्रमिक अनौपचारिक हैं — विक्रेता, खेत व निर्माण श्रम, गिग श्रमिक — किसी कल्याण प्रणाली के लिए लंबे समय अदृश्य। e-Shram पोर्टल (2021) ने अनौपचारिक श्रमिकों का पहला राष्ट्रीय रजिस्टर बनाया।

सुरक्षा जाल बनाना

अगस्त 2026 तक 31.89 करोड़ से अधिक श्रमिक (लगभग 54% महिलाएँ) पंजीकृत हुए, बीमा, पेंशन व पोर्टेबल लाभ की ओर एक क़दम। 21 नवंबर 2025 से लागू चार श्रम कोड 29 केंद्रीय श्रम क़ानूनों की जगह लेते हैं और गिग व प्लेटफ़ॉर्म श्रमिकों सहित सामाजिक सुरक्षा बढ़ाते हैं।

यह कैसे काम करता है

मज़दूरी, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा और व्यावसायिक सुरक्षा पर चार श्रम संहिताओं ने 21 नवंबर 2025 से 29 केंद्रीय श्रम क़ानूनों की जगह ली। अनौपचारिक श्रमिकों हेतु केंद्रबिंदु e-श्रम पोर्टल है — एक राष्ट्रीय डेटाबेस जो हर असंगठित श्रमिक को एक सार्वभौमिक खाता संख्या देता है, उन्हें पेंशन, बीमा व कल्याण योजनाओं से एक जगह जोड़ते हुए।

आगे की राह

31.89 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिक — आधे से अधिक महिलाएं — अब e-श्रम पर पंजीकृत, और पहली बार सामाजिक सुरक्षा संहिता स्पष्ट रूप से गिग व प्लेटफ़ॉर्म श्रमिकों को कवर करती है। पंजीकरण वह नींव है जिस पर लाभ बनते हैं: प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना से पेंशन, जन सुरक्षा योजनाओं से जीवन व दुर्घटना कवर, और 21 नवंबर 2025 से लागू चार श्रम संहिताएं — ताकि भारत के अनौपचारिक कार्यबल को पहली बार औपचारिक सुरक्षा जाल मिले।

आँकड़ों में

e-Shram: 31.89 करोड़ श्रमिक पंजीकृत (18 अगस्त 2026); 54.28% महिलाएँ; 29 क़ानूनों को समेकित करते 4 श्रम कोड, 21 नवंबर 2025 से लागू। स्रोत: श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय (PIB)।

आँकड़े इस तिथि तक: 18 अगस्त 2026

स्रोत: श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय (PIB के माध्यम से) — 26 अगस्त 2021 को शुरुआत के बाद से ई-श्रम पोर्टल पर असंगठित श्रमिकों के संचयी पंजीकरण, करोड़, हर वर्ष बताई गई नवीनतम तिथि पर: 15.53 (28 दिसंबर 2021), 29.23 (17 दिसंबर 2023), 30.48 (19 दिसंबर 2024), 31.42 (22 दिसंबर 2025) और 31.89 (18 अगस्त 2026, लिंक); पंजीकृतों में 54.28% महिलाएँ हैं। 2022 का वर्षांत आँकड़ा नहीं मिला। · लिंक