भारत के 90% से अधिक श्रमिक अनौपचारिक हैं — विक्रेता, खेत व निर्माण श्रम, गिग श्रमिक — किसी कल्याण प्रणाली के लिए लंबे समय अदृश्य। e-Shram पोर्टल (2021) ने अनौपचारिक श्रमिकों का पहला राष्ट्रीय रजिस्टर बनाया।
श्रम और सामाजिक सुरक्षा
भारत के 90% से अधिक कार्यबल अनौपचारिक क्षेत्र में हैं — फुटपाथ विक्रेता, निर्माण श्रमिक, गिग श्रमिक — ऐतिहासिक रूप से किसी सामाजिक-सुरक्षा जाल के बाहर। e-Shram पोर्टल (2021) ने अनौपचारिक श्रमिकों का पहला राष्ट्रीय डेटाबेस बनाया, 30 करोड़ से अधिक (लगभग 54% महिलाएँ) को पंजीकृत करते हुए और उन्हें कल्याण योजनाओं की ओर जोड़ते हुए। नए श्रम कोड 29 पुराने क़ानूनों को चार में सरल करने का लक्ष्य रखते हैं। काउंटर e-Shram पंजीकरण दिखाता है।

| वर्ष | e-Shram registrations |
|---|---|
| 2021 | 12 crore |
| 2022 | 28 crore |
| 2023 | 30 crore |
| 2024 | 31 crore |
| 2025 | 31 crore |
यह क्यों मायने रखता है अनौपचारिक श्रमिकों का रजिस्टर उन्हें बीमा, पेंशन और पोर्टेबल लाभ देने का पहला क़दम है — सुरक्षा जाल को उन तक बढ़ाना जिन्हें सबसे अधिक ज़रूरत है।
- e-Shram: 0 → 30.7 करोड़ श्रमिक पंजीकृत
- ~54% महिलाएँ; 4 नए श्रम कोड 29 क़ानूनों को समेकित
- स्रोत: श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय




इतिहास
सुरक्षा जाल बनाना
30.7 करोड़ से अधिक श्रमिक (लगभग 54% महिलाएँ) पंजीकृत हुए, बीमा, पेंशन व पोर्टेबल लाभ की ओर एक क़दम। चार नए श्रम कोड 29 उलझे पुराने क़ानूनों को समेकित करने और सामाजिक सुरक्षा बढ़ाने का लक्ष्य रखते हैं, गिग व प्लेटफ़ॉर्म श्रमिकों सहित।
यह कैसे काम करता है
भारत 29 उलझे पुराने श्रम कानूनों को चार सरल श्रम संहिताओं (मजदूरी, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा, सुरक्षा) में समेकित कर रहा है, जो संरक्षण बढ़ाते हुए रोज़गार सरल बनाने हेतु हैं। अनौपचारिक श्रमिकों हेतु केंद्रबिंदु e-श्रम पोर्टल है — एक राष्ट्रीय डेटाबेस जो हर असंगठित श्रमिक को एक सार्वभौमिक खाता संख्या देता है, उन्हें पेंशन, बीमा व कल्याण योजनाओं से एक जगह जोड़ते हुए।
आगे की राह
31 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिक — आधे से अधिक महिलाएं — अब e-श्रम पर पंजीकृत, और पहली बार सामाजिक सुरक्षा संहिता स्पष्ट रूप से गिग व प्लेटफ़ॉर्म श्रमिकों को कवर करती है। पंजीकरण शुरुआत है — कठिन अगला कदम उन श्रमिकों तक वास्तव में लाभ (पेंशन, बीमा, दुर्घटना कवर) पहुंचाना, चारों संहिताएं राज्यों में लागू करना, और एक कार्यबल को औपचारिक बनाना जहां अधिकांश के पास कोई सुरक्षा जाल नहीं।
आगे का रास्ता
पंजीकरण शुरुआत है — कठिन अगला क़दम करोड़ों अनौपचारिक श्रमिकों तक वास्तव में लाभ पहुँचाना और नए श्रम संहिताओं को सुचारू रूप से लागू करना है।
आँकड़ों में
e-Shram 0 → 30.7 करोड़ श्रमिक; ~54% महिलाएँ; 29 क़ानूनों को समेकित करते 4 नए श्रम कोड। स्रोत: श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय।
स्रोत: Ministry of Labour — e-Shram unorganised-worker registrations (crore), 2021–2025.