2015 में शुरू हुई प्रधानमंत्री आवास योजना का लक्ष्य था हर पात्र ग़रीब परिवार को पक्का घर देना। यह दो भागों में चलती है — शहरी (PMAY-U) और ग्रामीण (PMAY-G) — और 2025 तक लगभग 4 करोड़ घर पूरे कर चुकी थी: लगभग 2.77 करोड़ ग्रामीण और 92 लाख से अधिक शहरी, दुनिया के सबसे बड़े आवास कार्यक्रमों में से एक।
आवास
2015 में शुरू हुई प्रधानमंत्री आवास योजना का लक्ष्य था हर ग़रीब परिवार को शौचालय, बिजली, पानी और गैस कनेक्शन के साथ पक्का घर देना। 2025 तक लगभग 4 करोड़ घर पूरे हुए — लगभग 2.77 करोड़ ग्रामीण और 92 लाख शहरी — अधिकांश महिलाओं के नाम या सह-स्वामित्व में। काउंटर PMAY में पूरे हुए घर करोड़ में दिखाता है।

| वर्ष | PMAY houses built |
|---|---|
| 2015 | 0 crore |
| 2016 | 0 crore |
| 2017 | 1 crore |
| 2018 | 1 crore |
| 2019 | 2 crore |
| 2020 | 2 crore |
| 2021 | 3 crore |
| 2022 | 3 crore |
| 2023 | 4 crore |
| 2024 | 4 crore |
| 2025 | 4 crore |
यह क्यों मायने रखता है एक सुरक्षित घर एक ग़रीब परिवार की स्थिरता, स्वास्थ्य और गरिमा में सबसे सीधा सुधार है, और निर्माण ग्रामीण रोज़गार का बड़ा स्रोत है।
- PMAY पूरे घर: ~4 करोड़ (शहरी 92 लाख + ग्रामीण 2.77 करोड़)
- अधिकांश घर महिलाओं के स्वामित्व या सह-स्वामित्व में
- स्रोत: MoHUA / ग्रामीण विकास मंत्रालय




इतिहास
प्रमुख पहल
कार्यक्रम अन्य योजनाओं से जुड़ने के लिए बनाया गया था, इसलिए एक PMAY घर आमतौर पर शौचालय (स्वच्छ भारत), बिजली कनेक्शन (सौभाग्य), LPG कनेक्शन (उज्ज्वला) और नल जल (जल जीवन) के साथ आता है। घरों का बड़ा बहुमत महिलाओं के स्वामित्व या सह-स्वामित्व में है, और लगभग 60% ग्रामीण घर SC/ST परिवारों को गए — जिससे यह आश्रय के साथ सामाजिक समता का भी उपकरण बना।
यह कैसे काम करता है
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) दो धाराओं में आवास देती है: PMAY-ग्रामीण ग्रामीण ग़रीबों हेतु पक्के (स्थायी) घर बनाती है, और PMAY-शहरी शहरी परिवारों की सब्सिडी से मदद करती है, जिसमें गृह-ऋण पर ब्याज-सब्सिडी शामिल है। लाभार्थी वंचना-डेटा से चुने जाते हैं, पैसा निर्माण बढ़ने पर किश्तों में जारी होता है (जियो-टैग तस्वीरों से ट्रैक), और घर आमतौर पर परिवार स्वयं सरकारी समर्थन से बनाता है।
आगे की राह
PMAY पहले ही 4 करोड़ से अधिक घर दे चुकी, कहीं भी सबसे बड़े आवास-अभियानों में से एक। योजना PMAY 2.0 (2024) के रूप में लगभग 3 करोड़ और घर बनाने हेतु बढ़ाई गई है। जारी काम गुणवत्ता व पहुँच हैं — नए घरों में बेहतर निर्माण व बुनियादी सेवाएँ (पानी, शौचालय, बिजली), और अब भी छूटे परिवारों को शामिल करना, विशेषकर तेज़ी से बढ़ते शहरों में जहाँ किफ़ायती आवास सबसे दुर्लभ है।
आगे का रास्ता
जारी काम गुणवत्ता व पहुँच का है — निर्माण मानक ऊँचे रखना, घरों में विश्वसनीय सेवाएँ सुनिश्चित करना, और तेज़ी से बढ़ते शहरों में अब भी प्रतीक्षारत लोगों तक किफ़ायती आवास पहुँचाना।
आँकड़ों में
~4 करोड़ PMAY घर पूरे (2015→2025)। 2.77 करोड़ ग्रामीण + 92 लाख शहरी। अधिकांश महिलाओं के स्वामित्व में; ~60% ग्रामीण SC/ST को। स्रोत: MoHUA, ग्रामीण विकास मंत्रालय।
स्रोत: MoHUA / MoRD — houses completed under Pradhan Mantri Awas Yojana (crore), 2015–2025.