अपने अधिकांश इतिहास में भारत ने एक सतर्क, गुटनिरपेक्ष कूटनीति की जिसमें प्रधानमंत्री की यात्रा दुर्लभ व बड़े पैमाने पर औपचारिक थी। कुछ अंतराल लंबे थे: प्रधानमंत्री की 2015 की यूएई यात्रा 34 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी।
वैश्विक संपर्क व शिखर सम्मेलन
प्रधानमंत्री कार्यालय की यात्रा सूची के अनुसार, जून 2014 से सितंबर 2026 के बीच प्रधानमंत्री ने 81 अलग-अलग देशों की 103 विदेश यात्राएँ कीं। यह यात्रा औपचारिक नहीं है: हर दौरा व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा व प्रवासी समझौते लाया है। भारत ने 2023 में 60 शहरों में जी20 की मेज़बानी की, अफ़्रीकी संघ को स्थायी जी20 सदस्यता दिलाई, और 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता करते हुए नई दिल्ली में 18वें शिखर सम्मेलन की मेज़बानी की।

यह क्यों मायने रखता है इस गति की कूटनीति अनुबंधों में बदलती है। यूएई यात्राओं ने एक व्यापक व्यापार समझौता व रुपया-दिरहम निपटान तंत्र दिया; खाड़ी दौरों ने ऊर्जा आपूर्ति व निवेश प्रतिबद्धताएँ सुरक्षित कीं; अमेरिका यात्राओं ने जेट-इंजन सह-उत्पादन व अर्धचालक साझेदारियाँ दीं; अफ़्रीका व प्रशांत संपर्क ने नए निर्यात बाज़ार खोले। उपस्थिति ही सद्भावना को व्यापार में बदलती है।
- जून 2014 से सितंबर 2026 तक 81 अलग-अलग देशों की 103 विदेश यात्राएँ (प्रधानमंत्री कार्यालय की यात्रा सूची)।
- भारत ने 2023 में 60 शहरों में 200 से अधिक बैठकों के साथ जी20 की मेज़बानी की — जिसे केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जी20 आयोजनों का अभूतपूर्व विस्तार कहा।
- भारत के प्रस्ताव पर नई दिल्ली शिखर सम्मेलन में अफ़्रीकी संघ स्थायी जी20 सदस्य बना।
- भारत ने 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता की — 30 शहरों में 400 से अधिक बैठकें व कार्यक्रम — और 12–13 सितंबर को भारत मंडपम, नई दिल्ली में 18वें शिखर सम्मेलन की मेज़बानी की, जहाँ नेताओं ने ब्रिक्स नई दिल्ली घोषणापत्र अपनाया।
- 2015 की यूएई यात्रा 34 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी।
- भारत ने तीन वॉइस ऑफ़ ग्लोबल साउथ शिखर सम्मेलन बुलाए (दो 2023 में, एक 2024 में); पहले में 125 देशों ने भाग लिया।
इतिहास
उल्लेखनीय उपलब्धि
भारत की 2023 की जी20 अध्यक्षता में सभी 28 राज्यों और 8 केंद्रशासित प्रदेशों के 60 शहरों में 200 से अधिक बैठकें हुईं — केंद्रीय मंत्रिमंडल के शब्दों में जी20 आयोजनों का अभूतपूर्व विस्तार — जिनकी परिणति नई दिल्ली नेताओं की घोषणा में हुई। उसी शिखर सम्मेलन में भारत की पहल पर अफ़्रीकी संघ स्थायी जी20 सदस्य बना। 2026 में भारत ने ब्रिक्स की अध्यक्षता की — 30 शहरों में 400 से अधिक बैठकें व कार्यक्रम, और 12–13 सितंबर को भारत मंडपम, नई दिल्ली में 18वाँ शिखर सम्मेलन, जिसने ब्रिक्स नई दिल्ली घोषणापत्र अपनाया।
यह कैसे काम करता है
पद्धति है निरंतर व्यक्तिगत उपस्थिति, ठोस परिणामों के साथ। यात्राएँ ऐसे तैयार होती हैं कि समझौते वादे के बजाय आगमन पर हस्ताक्षरित हों: व्यापक आर्थिक साझेदारियाँ, ऊर्जा आपूर्ति अनुबंध, रक्षा सह-उत्पादन, मुद्रा-निपटान तंत्र व श्रम-गतिशीलता समझौते। प्रवासी कार्यक्रम निवेश व विप्रेषण जुटाने हेतु उपयोग होते हैं, और बहुपक्षीय मंच — जी20, ब्रिक्स, एससीओ, क्वाड, वॉइस ऑफ़ ग्लोबल साउथ — केवल उपस्थिति नहीं, एजेंडा तय करने हेतु।
आगे की राह
मान्यता भी मिली: जुलाई 2026 में इंडोनेशिया ने प्रधानमंत्री को अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान, बिंतांग अदिपूर्णा, प्रदान किया। भारत ने तीन वॉइस ऑफ़ द ग्लोबल साउथ शिखर सम्मेलन भी बुलाए (पहले में 125 देशों ने भाग लिया), स्वयं को विकासशील देशों व बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच सेतु के रूप में स्थापित करते हुए।
आँकड़ों में
जून 2014 – सितंबर 2026 में 81 अलग-अलग देशों की 103 विदेश यात्राएँ (प्रधानमंत्री कार्यालय सूची)। जी20 2023 — 60 शहरों में 200+ बैठकें। भारत की पहल पर अफ़्रीकी संघ स्थायी जी20 सदस्य। 3 वॉइस ऑफ़ द ग्लोबल साउथ शिखर सम्मेलन; पहले में 125 देश। ब्रिक्स 2026 अध्यक्षता — 30 शहरों में 400+ बैठकें व कार्यक्रम; 12–13 सितंबर के 18वें शिखर सम्मेलन में नई दिल्ली घोषणापत्र अपनाया। स्रोत: प्रधानमंत्री कार्यालय, विदेश मंत्रालय, पीआईबी।
आँकड़े इस तिथि तक: 26 मई 2014 – 1 सितंबर 2026
स्रोत: प्रधानमंत्री कार्यालय — 26 मई 2014 से प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं की आधिकारिक सूची, प्रति यात्रा एक पंक्ति (लिंक; 2014 से 2019 की यात्राएँ इसके पिछली विदेश यात्राएँ पृष्ठ पर हैं)। दोनों तालिकाओं में जून 2014 से 1 सितंबर 2026 तक 103 यात्राएँ दर्ज हैं, जिनमें फ़िलिस्तीन को गिनने पर 81 अलग-अलग देश आते हैं (उसके बिना 80)। ये कुल संख्याएँ सूची की प्रविष्टियों की गिनती हैं: प्रधानमंत्री कार्यालय कोई कुल या वर्षवार गिनती प्रकाशित नहीं करता, इसलिए कोई चार्ट नहीं दिखाया गया है। · लिंक