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शिक्षा

शिक्षा

भारत की उच्च-शिक्षा प्रणाली पैमाने और पहुँच दोनों में बढ़ी। विश्वविद्यालयों की संख्या 2014 के लगभग 723 से बढ़कर 2025 तक 1,170 से अधिक हुई, IIT 16 से 23 और IIM 13 से 20 हुए, और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने स्कूलों व कॉलेजों का ढाँचा नया किया। काउंटर विश्वविद्यालयों की संख्या दिखाता है।

Students can use Progate website or App to learn programming languages from basics.
Students can use Progate website or App to learn programming languages from basics. · Nayakyashraj · CC BY-SA 4.0 · Wikimedia Commons
723 → 1,170
विश्वविद्यालय
16 → 23
आईआईटी
13 → 20
आईआईएम
Universities
Universities
वर्षUniversities
2014723 universities
2015760 universities
2016799 universities
2017864 universities
2018903 universities
2019993 universities
20201,043 universities
20211,113 universities
20221,168 universities
20231,168 universities
20241,170 universities
20251,170 universities
2014
0universities
Universities
20142025
Since 2014
Added
+447 universities
2014
723 universities
2025
1,170 universities

यह क्यों मायने रखता है शिक्षा प्रणाली का आकार और गुणवत्ता भारत के कार्यबल, अनुसंधान और दीर्घकालिक विकास को आकार देती है।

  • विश्वविद्यालय: ~723 (2014) → ~1,170 (2025)
  • IIT 16 → 23; IIM 13 → 20; NEP 2020
  • स्रोत: शिक्षा मंत्रालय / AISHE

इतिहास

पिछले दशक में भारत की उच्च-शिक्षा प्रणाली पैमाने और फैलाव दोनों में बढ़ी। विश्वविद्यालयों की संख्या 2014 के लगभग 723 से बढ़कर 2025 तक 1,170 से अधिक हुई, IIT 16 से 23 और IIM 13 से 20 हुए, और कुल कॉलेज नामांकन चार करोड़ छात्रों को पार कर गया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने स्कूल ढाँचे से बहु-विषयक डिग्री तक का ढाँचा नया किया।

प्रमुख पहल

नए IIT, IIM, एम्स और केंद्रीय विश्वविद्यालयों ने प्रमुख संस्थानों को और राज्यों में फैलाया। डिजिटल पहल — SWAYAM ऑनलाइन पाठ्यक्रम, एकेडमिक बैंक ऑफ़ क्रेडिट्स और DIKSHA स्कूल मंच — ने पहुँच बढ़ाई, जबकि अनुसंधान वित्त पर ज़ोर और अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फ़ाउंडेशन भारत की वैश्विक विज्ञान व नवाचार स्थिति उठाने का लक्ष्य रखते हैं।

यह कैसे काम करता है

शिक्षा मुख्यतः राज्य का विषय है, लाखों सरकारी व निजी स्कूलों से दी जाती, केंद्र व्यापक नीति तय करता व प्रमुख मिशन वित्तपोषित करता है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (2009) ने 6-14 आयु हेतु स्कूली शिक्षा निःशुल्क व अनिवार्य बनाई, लगभग-सार्वभौमिक नामांकन लाते हुए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 अब प्रणाली को नया आकार देती है — लचीली धाराएँ, बुनियादी साक्षरता व संख्यात्मकता पर ध्यान, प्रारंभिक वर्षों में मातृभाषा शिक्षण, और नियमित स्कूली शिक्षा में व्यावसायिक कौशल मिलाना।

आगे की राह

अब नामांकन लगभग-सार्वभौमिक होने के साथ, कठिन व लंबा काम गुणवत्ता है — कई बच्चे प्राथमिक स्कूल पूरा कर भी एक सरल अनुच्छेद नहीं पढ़ पाते। आगे का ज़ोर बुनियादी शिक्षा (निपुण भारत मिशन), बेहतर शिक्षक-प्रशिक्षण, डिजिटल व बहुभाषी सामग्री, और भारत के उच्च-शिक्षा सकल नामांकन अनुपात (लगभग 28%) को NEP के 2035 तक 50% लक्ष्य की ओर बढ़ाने पर है, साथ ही डिग्रियों को वास्तविक रोज़गार-कौशल से मिलाना।

आगे का रास्ता

अब कठिन व लंबा काम गुणवत्ता का है — कई नई संस्थाओं में शिक्षकों व मानकों को मज़बूत करना और व्यवस्था के बढ़ने के साथ अनुसंधान खर्च बढ़ाना।

आँकड़ों में

~723 → ~1,170 विश्वविद्यालय (2014→2025)। 16 → 23 IIT। 13 → 20 IIM। 4 करोड़+ छात्र नामांकित। NEP 2020 ढाँचा। स्रोत: शिक्षा मंत्रालय, AISHE।

स्रोत: Ministry of Education / AISHE — number of universities, 2014–2025.