दशकों तक भारत ने 'गुटनिरपेक्षता' अपनाई। 1991 के बाद यह व्यावहारिक, हित-आधारित कूटनीति की ओर बढ़ा, और 2014 के बाद 'बहु-संरेखण' की ओर: अमेरिका व पश्चिम, रूस, खाड़ी व ग्लोबल साउथ से एक साथ काम। बढ़ते आर्थिक भार ने भारत को नियम-ग्रहीता से नियम-निर्माता बनाया।
कूटनीति व वैश्विक प्रतिष्ठा
भारत की संपदा व क्षमता के उदय के साथ विश्व मंच पर बड़ी भूमिका भी आई — 2023 में G20 की मेजबानी से 'ग्लोबल साउथ' के नेतृत्व तक। यह क्षेत्र साझेदारियों व बहुपक्षीय नेतृत्व के बढ़ते जाल को ट्रैक करता है। काउंटर भारत की बढ़ती रणनीतिक साझेदारियाँ दिखाता है (सांकेतिक)।

| वर्ष | Strategic partnerships |
|---|---|
| 2014 | 16 count |
| 2015 | 18 count |
| 2016 | 20 count |
| 2017 | 22 count |
| 2018 | 24 count |
| 2019 | 26 count |
| 2020 | 27 count |
| 2021 | 29 count |
| 2022 | 31 count |
| 2023 | 32 count |
| 2024 | 33 count |
| 2025 | 34 count |
यह क्यों मायने रखता है किसी देश की वैश्विक प्रतिष्ठा उसकी सुरक्षा, व्यापार, तकनीक तक पहुँच, और विकासशील दुनिया के लिए बोलने की क्षमता को आकार देती है।
- 2023 में G20 की मेजबानी; अफ्रीकी संघ स्थायी सदस्य बना
- वैक्सीन मैत्री: 100+ देशों को टीके
- क्वाड, I2U2, ब्रिक्स, SCO, ग्लोबल साउथ की आवाज़




इतिहास
उल्लेखनीय पहल
प्रमुख थी भारत की G20 अध्यक्षता (2023) — 60 शहरों में 200+ बैठकें, सर्वसम्मत नई दिल्ली घोषणा व अफ्रीकी संघ को स्थायी सदस्य बनाने में परिणत। साथ आए IMEC, तीन ग्लोबल साउथ की आवाज़ शिखर, और ऑपरेशन गंगा व कावेरी जैसे निकासी मिशन।
यह कैसे काम करता है
भारत की कूटनीति रणनीतिक स्वायत्तता पर चलती है — एक गुट में बंधने से इनकार: इंडो-पैसिफिक हेतु क्वाड, बहुध्रुवीय व्यवस्था हेतु ब्रिक्स व SCO, ऊर्जा हेतु I2U2 व खाड़ी संबंध, और ग्लोबल साउथ का नेतृत्व। सॉफ्ट पावर — प्रवासी, वैक्सीन मैत्री, योग — कूटनीति को बढ़ाती है।
आगे की राह
भारत अब सभी प्रमुख शक्तियों द्वारा चाहा जाता है। अगली महत्वाकांक्षाएँ हैं स्थायी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सीट, गहरी रक्षा साझेदारियाँ, और ग्लोबल साउथ की आवाज़ की भूमिका मजबूत करना। स्थायी परीक्षा प्रतिद्वंद्वी साझेदारों को संतुलित करना है।
आगे का रास्ता
अधूरा काम वैश्विक प्रतिष्ठा को ठोस लाभ में बदलना — बाज़ार पहुंच, तकनीक, सुरक्षा — और कठिन पड़ोसियों (चीन का सीमा दबाव, अस्थिर पाकिस्तान) को संभालना, रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखते हुए।
आँकड़ों में
G20 अध्यक्षता 2023 (200+ बैठकें, 60 शहर); अफ्रीकी संघ स्थायी G20 सदस्य; वैक्सीन मैत्री 100+ देश; क्वाड, ब्रिक्स, SCO, I2U2, G20 का सदस्य; तीन ग्लोबल साउथ शिखर (120+ देश)। स्रोत: विदेश मंत्रालय; PIB।
स्रोत: Ministry of External Affairs annual reports; PIB. Strategic-partnership count illustrative.