दिसंबर 2018 तक राष्ट्रीय ढाँचे में राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा नीति (2013), CERT-In, राष्ट्रीय महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना संरक्षण केंद्र और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समन्वयक शामिल थे। सशस्त्र बलों के लिए सरकार ने 2018 में रक्षा बलों की साइबर तैयारी मज़बूत करने के ढाँचे को स्वीकृति दी। क्षमताओं की गंभीर कमियों को दूर करने के लिए 2018-19 में रक्षा अंतरिक्ष एजेंसी और सशस्त्र बल विशेष अभियान प्रभाग के साथ रक्षा साइबर एजेंसी का गठन किया गया। 3 दिसंबर 2021 तक रक्षा साइबर एजेंसी तथा थलसेना, नौसेना और वायुसेना के साइबर समूह स्थापित हो चुके थे।
रक्षा साइबर
रक्षा साइबर एजेंसी, जो एकीकृत रक्षा स्टाफ़ मुख्यालय की एक विशेषज्ञ शाखा है, 2018-19 में गठित हुई, जब सरकार ने 2018 में रक्षा बलों की साइबर तैयारी मज़बूत करने के ढाँचे को स्वीकृति दी। इसके साथ ही रक्षा बलों की सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी परिसंपत्तियों की सुरक्षा और रक्षा तथा साइबर युद्ध के प्रयासों को रोकने के लिए थलसेना, नौसेना और वायुसेना के साइबर समूह स्थापित किए गए हैं। राष्ट्रीय स्तर पर, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समन्वयक एजेंसियों के बीच समन्वय करता है, CERT-In साइबर सुरक्षा घटनाओं पर प्रतिक्रिया देता है और NCIIPC महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना की सुरक्षा करता है। जून 2025 में रक्षा साइबर एजेंसी ने कई चरणों वाला ‘साइबर सुरक्षा’ अभ्यास आयोजित किया, जिसमें 100 से अधिक प्रतिभागी थे।

यह क्यों मायने रखता है रक्षा मंत्रालय के अनुसार, एजेंसी और सेनाओं के साइबर समूहों ने राष्ट्रीय साइबर एजेंसियों के साथ तालमेल बढ़ाया है, निगरानी, मानकीकृत प्रक्रियाओं और ऑडिट जैसे रक्षात्मक उपाय बेहतर किए हैं, और साइबर युद्ध का जवाब देने की तैयारी सुधारी है। ‘साइबर सुरक्षा’ अभ्यास वास्तविक साइबर ख़तरों का अनुकरण करने और प्रतिभागियों के विश्लेषणात्मक और रक्षात्मक साइबर कौशल को परखने के लिए रचा गया था।
- 2018: रक्षा बलों की साइबर तैयारी मज़बूत करने का ढाँचा सरकार/रक्षा मंत्रालय द्वारा स्वीकृत (लोकसभा उत्तर, दिसंबर 2021)
- रक्षा साइबर एजेंसी, रक्षा अंतरिक्ष एजेंसी और सशस्त्र बल विशेष अभियान प्रभाग का गठन 2018-19 में (लोकसभा उत्तर, फ़रवरी 2022)
- ‘साइबर सुरक्षा’, 16–27 जून 2025: प्रशिक्षण, मूल्यांकन, CISO सम्मेलन और टेबल-टॉप अभ्यास, 100 से अधिक प्रतिभागियों के साथ
- CERT-In सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 70B के तहत साइबर सुरक्षा घटनाओं पर प्रतिक्रिया की राष्ट्रीय एजेंसी है; NCIIPC धारा 70A के तहत महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना की नोडल एजेंसी है (मार्च 2025)
- CERT-In द्वारा 109 साइबर सुरक्षा मॉक ड्रिल, जिनमें 1,438 संगठनों ने भाग लिया (मार्च 2025)
- भारत NCX 2024 (18–29 नवंबर 2024) में 600 से अधिक प्रतिभागियों को प्रशिक्षण
- साइबरस्पेस अभियानों का संयुक्त सिद्धांत 7 अगस्त 2025 को चीफ़्स ऑफ़ स्टाफ़ कमेटी द्वारा जारी (रक्षा मंत्रालय)
- 2025 में CERT-In ने 122 साइबर सुरक्षा ड्रिल और अभ्यास किए, जिनमें लगभग 1,570 संगठनों ने भाग लिया, और 231 सूचीबद्ध सुरक्षा ऑडिट संगठन हैं (जनवरी 2026)
इतिहास
उल्लेखनीय उपलब्धि
16 से 27 जून 2025 तक रक्षा साइबर एजेंसी ने एकीकृत रक्षा स्टाफ़ मुख्यालय के तत्वावधान में कई चरणों वाला साइबर सुरक्षा अभ्यास ‘साइबर सुरक्षा’ आयोजित किया, जिसमें राष्ट्रीय स्तर की एजेंसियों और रक्षा क्षेत्र के हितधारकों के 100 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए। इसमें लक्षित प्रशिक्षण सत्र, मूल्यांकन और नेतृत्व के लिए एक विशेष सत्र शामिल था, और खेल-आधारित वातावरण में वास्तविक साइबर ख़तरों का अनुकरण किया गया। मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारियों (CISO) का एक सम्मेलन भी अभ्यास में जोड़ा गया, जिसका समापन टेबल-टॉप अभ्यास से हुआ। एजेंसी ने कहा कि वह ऐसे अभ्यास नियमित रूप से करेगी।
यह कैसे काम करता है
सशस्त्र बलों में रक्षा साइबर एजेंसी एकीकृत रक्षा स्टाफ़ मुख्यालय की एक विशेषज्ञ शाखा है, और थलसेना, नौसेना और वायुसेना के साइबर समूहों पर रक्षा बलों की ICT परिसंपत्तियों की सुरक्षा और रक्षा की ज़िम्मेदारी है। राष्ट्रीय स्तर पर CERT-In सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 70B के तहत साइबर सुरक्षा घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने वाली एजेंसी है, और NCIIPC धारा 70A के तहत महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना की सुरक्षा की नोडल एजेंसी है। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समन्वयक एजेंसियों के बीच समन्वय सुनिश्चित करता है। साइबर धोखाधड़ी, भुगतान सुरक्षा और CERT-In के घटना-रिपोर्टिंग नियम फ़िनटेक व साइबर सुरक्षा पृष्ठ पर दिए गए हैं।
आगे की राह
1 जनवरी 2025 को रक्षा मंत्रालय ने 2025 को सुधार वर्ष घोषित किया और कहा कि सुधारों का ध्यान साइबर और अंतरिक्ष जैसे नए क्षेत्रों पर होना चाहिए। मई 2024 में चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ़ ने कहा कि एकीकृत थिएटर कमानों से ऐसे सुधार होंगे जिनमें अंतरिक्ष और साइबर क्षेत्र को पारंपरिक क्षेत्रों के साथ जोड़ना शामिल है। रक्षा साइबर एजेंसी ‘साइबर सुरक्षा’ जैसे अभ्यास नियमित रूप से करने की योजना रखती है, जबकि राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय का राष्ट्रीय अभ्यास अप्रैल 2022 में 140 से अधिक प्रशिक्षित अधिकारियों से बढ़कर नवंबर 2024 में 600 से अधिक प्रशिक्षित प्रतिभागियों तक पहुँचा। भारत NCX 2025 राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के सहयोग से 21 जुलाई से 1 अगस्त 2025 तक चला, और 7 अगस्त 2025 को चीफ़्स ऑफ़ स्टाफ़ कमेटी ने साइबरस्पेस अभियानों का संयुक्त सिद्धांत जारी किया।
आँकड़ों में
2018 रक्षा बलों की साइबर तैयारी का ढाँचा स्वीकृत। 2018-19 रक्षा साइबर एजेंसी का गठन। ‘साइबर सुरक्षा’ में 100+ प्रतिभागी (16–27 जून 2025)। NCX इंडिया में 140+ अधिकारी प्रशिक्षित (अप्रैल 2022), भारत NCX 2023 में 300+ प्रतिभागी और भारत NCX 2024 में 600+ प्रशिक्षित। CERT-In की 109 मॉक ड्रिल, 1,438 संगठनों के साथ, और 200 सूचीबद्ध सुरक्षा ऑडिट संगठन (मार्च 2025); 2025 में लगभग 1,570 संगठनों के साथ 122 ड्रिल व अभ्यास, और 231 सूचीबद्ध ऑडिट संगठन (जनवरी 2026)। स्रोत: रक्षा मंत्रालय और एकीकृत रक्षा स्टाफ़ मुख्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (PIB के माध्यम से)।
आँकड़े इस तिथि तक: 2018 से अगस्त 2025 तक की उपलब्धियाँ; 2025 के CERT-In आँकड़े
स्रोत: रक्षा मंत्रालय और एकीकृत रक्षा स्टाफ़ मुख्यालय (PIB के माध्यम से), साथ में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय — समयरेखा में रक्षा बलों की साइबर तैयारी के ढाँचे की स्वीकृति (2018), 2018-19 में गठित रक्षा साइबर एजेंसी, सेनाओं के साइबर समूहों पर दिसंबर 2021 का लोकसभा उत्तर, 2022, 2023 और 2024 के राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा अभ्यास, रक्षा मंत्रालय का सुधार वर्ष (1 जनवरी 2025), ‘साइबर सुरक्षा’ अभ्यास (16–27 जून 2025), भारत NCX 2025 (21 जुलाई – 1 अगस्त 2025) और साइबरस्पेस अभियानों का संयुक्त सिद्धांत (7 अगस्त 2025) की तिथियाँ, तथा 2025 के CERT-In आँकड़े (जनवरी 2026) हैं; शीर्ष आँकड़ा, ‘साइबर सुरक्षा’ में 100 से अधिक प्रतिभागी, 16 जून 2025 की विज्ञप्ति (लिंक) से है। · लिंक