2018 से पहले, एक गंभीर अस्पताल बिल एक ग़रीब परिवार को बर्बाद कर सकता था — अधिकांश भारतीयों के पास स्वास्थ्य बीमा नहीं था। सितंबर 2018 में शुरू आयुष्मान भारत PM-JAY ने इसे बदला, देश के सबसे ग़रीब 40% को ₹5 लाख प्रति वर्ष मुफ़्त अस्पताल कवर देते हुए।
आयुष्मान भारत
आयुष्मान भारत PM-JAY दुनिया की सबसे बड़ी सार्वजनिक रूप से वित्तपोषित स्वास्थ्य-आश्वासन योजना है — लगभग 55 करोड़ भारतीयों (सबसे ग़रीब 40%, साथ ही 2024 से 70 से ऊपर सभी वरिष्ठ नागरिक) के लिए ₹5 लाख प्रति परिवार प्रति वर्ष मुफ़्त अस्पताल कवर। 2018 में शुरू, इसने 42 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए, 7.4+ करोड़ अस्पताल भर्तियाँ वित्तपोषित कीं, और परिवारों के ₹1.5 लाख करोड़ से अधिक जेब-ख़र्च बचाए। काउंटर जारी आयुष्मान कार्ड दिखाता है।

| वर्ष | Ayushman cards issued |
|---|---|
| 2018 | 1 crore |
| 2019 | 10 crore |
| 2020 | 14 crore |
| 2021 | 17 crore |
| 2022 | 22 crore |
| 2023 | 30 crore |
| 2024 | 36 crore |
| 2025 | 42 crore |
यह क्यों मायने रखता है एक गंभीर बीमारी परिवार को ग़रीबी में धकेल सकती है; आधे देश के लिए मुफ़्त अस्पताल कवर भारत द्वारा बनाए सबसे शक्तिशाली ग़रीबी-रोधी व स्वास्थ्य उपकरणों में से एक है।
- 55 करोड़ कवर (दुनिया का सबसे बड़ा); ₹5 लाख/परिवार/वर्ष
- 42+ करोड़ कार्ड; 7.4+ करोड़ भर्तियाँ; ₹1.5 लाख करोड़ बचत
- स्रोत: राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण




इतिहास
दुनिया का सबसे बड़ा
योजना अब ~55 करोड़ लोगों को कवर करती है — दुनिया का सबसे बड़ा स्वास्थ्य-आश्वासन कार्यक्रम — ~33,000 सार्वजनिक व निजी अस्पतालों में। 2024 में इसे 70+ आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों तक बढ़ाया गया। 42 करोड़ से अधिक कार्ड जारी हुए और परिवारों ने ₹1.5 लाख करोड़ से अधिक बचाए।
यह कैसे काम करता है
आयुष्मान भारत (PM-JAY) सरकार-वित्तपोषित स्वास्थ्य बीमा है: पात्र ग़रीब व कमज़ोर परिवारों को किसी भी सूचीबद्ध सार्वजनिक या निजी अस्पताल में ₹5 लाख प्रति वर्ष का कैशलेस कवर मिलता है, बिना प्रीमियम — सरकार भुगतान करती है। पात्रता सामाजिक-आर्थिक जनगणना से तय होती है, और बीमा के साथ हज़ारों आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक देखभाल, जाँच व निःशुल्क दवाएँ घर के पास संभालते हैं।
आगे की राह
कवरेज लगातार बढ़ रहा है — 2024 में योजना 70 वर्ष व उससे अधिक आयु के सभी नागरिकों तक बढ़ाई गई, आय चाहे जो हो। अगले क़दम हैं अधिक गुणवत्तापूर्ण अस्पताल सूचीबद्ध करना (विशेषकर ग्रामीण), दावा निपटान तेज़ करना, धोखाधड़ी रोकना, और योजना को डिजिटल स्वास्थ्य-रिकॉर्ड प्रणाली से जोड़ना ताकि मरीज़ का इतिहास एक अस्पताल से दूसरे तक साथ चले।
आगे का रास्ता
प्रगति पर काम गुणवत्ता व पहुँच है — देखभाल मानक सुधारना, दावे तेज़ करना, और यह सुनिश्चित करना कि ग्रामीण परिवार अपने अधिकारों के बारे में जानें।
आँकड़ों में
~55 करोड़ कवर; ₹5 लाख/परिवार/वर्ष; 42+ करोड़ कार्ड; 7.4+ करोड़ भर्तियाँ; ₹1.5 लाख करोड़ बचत; ~33,000 अस्पताल। स्रोत: NHA।
स्रोत: National Health Authority — Ayushman cards issued under AB PM-JAY (crore), 2018–2025.