आयुष — आयुर्वेद, योग व प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध व होम्योपैथी — भारत की पारंपरिक चिकित्सा व कल्याण प्रणाली है। 2014 में इसे समर्पित आयुष मंत्रालय मिला, और दवाओं, पूरक, कल्याण, योग व चिकित्सा पर्यटन तक फैला उद्योग कई गुना बढ़कर अनुमानित ~$24 अरब हुआ।
आयुष और पारंपरिक चिकित्सा
आयुष — आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध व होम्योपैथी — भारत की पारंपरिक-चिकित्सा प्रणाली है, जिसे 2014 में समर्पित मंत्रालय मिला। दवाओं, कल्याण, योग व चिकित्सा पर्यटन तक फैला आयुष उद्योग कई गुना बढ़कर अनुमानित ~$24 अरब हुआ, और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (2015 से) ने भारतीय कल्याण को वैश्विक बनाया। काउंटर सांकेतिक आयुष क्षेत्र आकार दिखाता है।

| वर्ष | AYUSH sector size |
|---|---|
| 2014 | 3 $ bn |
| 2015 | 4 $ bn |
| 2016 | 6 $ bn |
| 2017 | 8 $ bn |
| 2018 | 11 $ bn |
| 2019 | 14 $ bn |
| 2020 | 17 $ bn |
| 2021 | 20 $ bn |
| 2022 | 22 $ bn |
| 2023 | 24 $ bn |
यह क्यों मायने रखता है आयुष किफ़ायती, निवारक व पारंपरिक स्वास्थ्य-सेवा देता है और एक बढ़ता कल्याण उद्योग है — हालाँकि इसे मज़बूत साक्ष्य, गुणवत्ता नियंत्रण व आधुनिक चिकित्सा के साथ एकीकरण चाहिए।
- आयुष क्षेत्र: ~$3 अरब (2014) → ~$24 अरब (2023, सांकेतिक)
- आयुष मंत्रालय (2014); अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (2015)
- स्रोत: आयुष मंत्रालय (सांकेतिक)



इतिहास
प्रमुख प्रभाव
2015 में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत — अब 21 जून को दुनिया भर में मनाया जाता है — ने भारतीय कल्याण को वैश्विक बनाया व सॉफ्ट पावर बढ़ाई। आयुष क्लीनिक व 'स्वास्थ्य व कल्याण केंद्र' ग्रामीण क्षेत्रों में किफ़ायती, निवारक देखभाल बढ़ाते हैं, और आयुर्वेद व योग पर्यटन बढ़ती संख्या में अंतरराष्ट्रीय आगंतुकों को खींचता है।
यह कैसे काम करता है
आयुष भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को शामिल करता है — आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध व होमियोपैथी — 2014 में एक समर्पित मंत्रालय। दृष्टिकोण इन्हें आधुनिक चिकित्सा के साथ मुख्यधारा में लाना है: अभ्यास व शिक्षा मानकीकृत करना, साक्ष्य हेतु शोध, आयुष कल्याण केंद्र एकीकृत करना, व प्रणालियों (विशेषकर योग) को वैश्विक रूप से बढ़ावा देना।
आगे की राह
आयुष अर्थव्यवस्था कई गुना बढ़कर लगभग $24 अरब हुई, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) अब विश्व भर में मनाया जाता, और WHO का पारंपरिक चिकित्सा वैश्विक केंद्र जामनगर में स्थापित। आगे का काम वास्तव में उपयोगी को एकीकृत करना — जो काम करता है उसके लिए ठोस वैज्ञानिक साक्ष्य, गुणवत्ता व सुरक्षा मानक, व वेलनेस-निर्यात अवसर बढ़ाना, अतिशयोक्ति से बचते हुए।
आगे का रास्ता
आगे का काम वास्तव में उपयोगी को आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़ना है — नैदानिक साक्ष्य, मानकीकरण व गुणवत्ता नियंत्रण मज़बूत करना ताकि पारंपरिक अभ्यास सिद्ध चिकित्सा का पूरक बने।
आँकड़ों में
~$3 → ~$24 अरब आयुष क्षेत्र (2014→2023, सांकेतिक)। आयुष मंत्रालय (2014); अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (2015)। स्रोत: आयुष मंत्रालय।
स्रोत: Ministry of AYUSH — indicative AYUSH industry size (US$ billion), 2014–2023.