अग्निपथ से पहले थलसेना रैलियों के ज़रिये, वायुसेना रैलियों और ऑनलाइन परीक्षाओं के ज़रिये, और नौसेना ऑनलाइन परीक्षाओं के ज़रिये भर्ती करती थी। 2021-22 में COVID-19 महामारी के कारण थलसेना की भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी, और 2020 व 2021 में नौसेना और वायुसेना की भर्ती प्रभावित हुई। 14 जून 2022 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अग्निपथ योजना को स्वीकृति दी, जो तीनों सेनाओं में नामांकन के लिए तुरंत लागू हुई, और 17 जून 2022 को सरकार ने 2022 के चक्र के लिए एक-बारगी छूट के रूप में ऊपरी आयु सीमा 23 वर्ष की। 16 दिसंबर 2022 के एक लोकसभा उत्तर में बताया गया कि 2022 में थलसेना में 40,000 और नौसेना व वायुसेना में 3,000-3,000 रिक्तियों के लिए अग्निवीरों के रूप में भर्ती फिर शुरू हुई।
अग्निपथ भर्ती
अग्निपथ, जिसे केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14 जून 2022 को स्वीकृति दी, वह योजना है जिसके तहत युवाओं को थलसेना, नौसेना और वायुसेना में चार वर्ष के लिए अग्निवीर के रूप में नामांकित किया जाता है। नामांकन 'अखिल भारत अखिल वर्ग' आधार पर 17.5 से 21 वर्ष आयु के लिए होता है, और हर बैच के अधिकतम 25% को नियमित कैडर में शामिल किया जा सकता है, जहाँ वे कम से कम 15 वर्ष और सेवा करते हैं। चार वर्ष बाद सेवा छोड़ने वाले अग्निवीरों को एक-बारगी सेवा निधि पैकेज मिलता है, और उनके लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, रक्षा प्रतिष्ठानों और रेलवे में आरक्षण घोषित किया गया है। 21 जुलाई 2026 तक पहले बैच ने अपनी चार वर्ष की सेवा अवधि पूरी नहीं की थी।

यह क्यों मायने रखता है 14 जून 2022 से तीनों सेनाओं में नामांकन इसी योजना के तहत होता है। सरकार ने कहा कि इसे सशस्त्र बलों की आयु-प्रोफ़ाइल युवा बनाने के लिए तैयार किया गया है, जिससे उनकी औसत आयु लगभग 4–5 वर्ष घटने का अनुमान है, और चार वर्ष बाद सेवा छोड़ने वाले अग्निवीर प्रमाणित कौशल के साथ समाज में लौटेंगे।
- 14 जून 2022: चार वर्ष की सेवा अवधि, प्रवेश आयु 17.5–21 वर्ष, हर बैच के अधिकतम 25% नियमित कैडर में
- पहले वर्ष ₹30,000 मासिक पैकेज, चौथे वर्ष ₹40,000; 30% अग्निवीर कॉर्पस फ़ंड में जाता है और सरकार उतनी ही राशि का योगदान देती है
- सेवा अवधि में ₹48 लाख का गैर-अंशदायी जीवन बीमा कवर; सेवा निधि आयकर से मुक्त; ग्रेच्युटी या पेंशन नहीं
- 2022 की रिक्तियाँ: थलसेना 40,000, नौसेना 3,000 और वायुसेना 3,000 (लोकसभा उत्तर, 16 दिसंबर 2022)
- नौसेना: पहले बैच में 272 और दूसरे में 454 महिलाएँ (दिसंबर 2023); 1,321 महिला अग्निवीर कार्यरत (दिसंबर 2024)
- फ़रवरी 2025 तक तीनों सेनाओं में अधिकतम 1.5 लाख अग्निवीर नामांकित (PIB, जनवरी 2026)
- रेलवे: लेवल-1 पदों में 10%, लेवल-2 और ऊपर के पदों में 5% तथा RPF/RPSF कांस्टेबल पदों में 10% क्षैतिज आरक्षण (लोकसभा उत्तर, 25 मार्च 2026)

इतिहास
उल्लेखनीय उपलब्धि
पहले अग्निवीरों ने 2023 में अपना प्रशिक्षण पूरा किया। 28 मार्च 2023 को 16 सप्ताह के प्रशिक्षण के बाद 272 महिलाओं सहित नौसेना के 2,585 अग्निवीर INS चिल्का से उत्तीर्ण हुए; रक्षा मंत्रालय नौसेना को अग्निपथ के ज़रिये महिलाओं को शामिल करने वाली पहली सेना बताता है। 2 दिसंबर 2023 को एयरमेन ट्रेनिंग स्कूल बेलगावी में पहली 153 महिला अग्निवीरवायु उत्तीर्ण हुईं। दिसंबर 2023 में मंत्रालय ने बताया कि थलसेना के 40,000 अग्निवीरों के पहले दो बैच प्रशिक्षण पूरा कर इकाइयों में तैनात किए जा रहे हैं, और वायुसेना के 2,888 अग्निवीरवायु के पहले बैच ने विशेष प्रशिक्षण पूरा कर लिया है।
यह कैसे काम करता है
अग्निवीर अपने-अपने सेवा अधिनियमों के तहत चार वर्ष के लिए नामांकित होते हैं और एक अलग रैंक बनाते हैं। उन्हें पहले वर्ष ₹30,000 मासिक पैकेज मिलता है, जो चौथे वर्ष ₹40,000 हो जाता है; इसका 30% अग्निवीर कॉर्पस फ़ंड में जाता है, और सरकार उतनी ही राशि जोड़ती है, चार वर्ष में दोनों ओर से ₹5.02 लाख। सेवा छोड़ने पर उन्हें सेवा निधि पैकेज मिलता है, जो 2022 की विज्ञप्ति में ₹11.71 लाख दिखाया गया है और आयकर से मुक्त है, लेकिन ग्रेच्युटी या पेंशन नहीं मिलती; सेवा के दौरान उन्हें ₹48 लाख का जीवन बीमा कवर मिलता है। चार वर्ष बाद वे स्थायी नामांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं, और हर बैच के अधिकतम 25% का चयन सेवा अवधि के प्रदर्शन सहित वस्तुनिष्ठ मानदंडों पर केंद्रीकृत रूप से होता है।
आगे की राह
गृह मंत्रालय ने 21 जुलाई 2026 को लोकसभा को बताया कि अग्निवीरों के पहले बैच ने अभी अपनी सेवा अवधि पूरी नहीं की है। जून 2022 में उसने अग्निवीरों के लिए CAPF और असम राइफ़ल्स की 10% रिक्तियाँ आरक्षित करने की घोषणा की थी, और अगस्त 2024 में बताया कि सभी बलों के भर्ती नियमों में संशोधन कर दिया गया है। जुलाई 2026 तक उसने कांस्टेबल (GD)/राइफ़लमैन भर्ती में एक अलग पूर्व-अग्निवीर श्रेणी का उल्लेख किया, जिसमें 50% रिक्तियाँ आरक्षित हैं, ऊपरी आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट (पहले बैच के लिए 5 वर्ष) है और शारीरिक परीक्षणों व लिखित परीक्षा से छूट है। रक्षा मंत्रालय ने जून 2022 में तटरक्षक बल, रक्षा असैन्य पदों और 16 DPSU में 10% रिक्तियों को स्वीकृति दी, और 16 जून 2025 से पूर्व-अग्निवीरों की आगे की प्रगति का समन्वय गृह मंत्रालय करता है।
आँकड़ों में
2022 में 46,000 अग्निवीरों की भर्ती: थलसेना 40,000, नौसेना 3,000 और वायुसेना 3,000 रिक्तियाँ। हर बैच के अधिकतम 25% नियमित कैडर में जा सकते हैं। पहली पासिंग आउट परेड में 272 महिलाओं सहित नौसेना के 2,585 अग्निवीर (28 मार्च 2023)। नौसेना में 1,321 महिला अग्निवीर (दिसंबर 2024)। CAPF और असम राइफ़ल्स की 50% कांस्टेबल रिक्तियाँ पूर्व-अग्निवीरों के लिए आरक्षित (जुलाई 2026)। स्रोत: रक्षा मंत्रालय और गृह मंत्रालय (PIB के माध्यम से); लोकसभा उत्तर।
आँकड़े इस तिथि तक: 21 जुलाई 2026 तक
स्रोत: रक्षा मंत्रालय और गृह मंत्रालय (PIB के माध्यम से) तथा लोकसभा उत्तर — समयरेखा में अग्निपथ योजना की मंत्रिमंडल स्वीकृति (14 जून 2022), 2022 के लिए 23 वर्ष की एक-बारगी ऊपरी आयु सीमा (17 जून 2022), अग्निवीरों के लिए घोषित 10% आरक्षण (18 जून 2022), नौसेना (28 मार्च 2023) और वायुसेना (2 दिसंबर 2023) की पहली पासिंग आउट परेड, नौसेना में 1,321 महिला अग्निवीर (दिसंबर 2024), पूर्व-अग्निवीरों से जुड़े समन्वय का गृह मंत्रालय को आवंटन (16 जून 2025) और लोकसभा में बताए गए CAPF कांस्टेबल भर्ती में 50% आरक्षण (21 जुलाई 2026) की तिथियाँ हैं; शीर्ष आँकड़ा, 2022 में 46,000 अग्निवीर, 14 जून 2022 की मंत्रिमंडल विज्ञप्ति (लिंक) से है, और सेना-वार रिक्तियाँ 16 दिसंबर 2022 के एक लोकसभा उत्तर से। हर सेना में हर वर्ष शामिल किए गए अग्निवीरों की कोई आधिकारिक वर्षवार शृंखला नहीं मिली, इसलिए पृष्ठ पर चार्ट नहीं है। · लिंक