अक्षम गरमागरम बल्ब भारत की बिजली पर एक बड़ा, अदृश्य बोझ थे। 2015 में शुरू हुई उजाला योजना (सभी के लिए किफ़ायती LED द्वारा उन्नत ज्योति) ने सरकार की थोक-खरीद शक्ति से एक LED बल्ब की कीमत लगभग ₹300 से ₹70 से कम तक गिराई, फिर उन्हें माँग पर घरों को बेचा। लगभग 37 करोड़ LED बल्ब और एक करोड़ से अधिक LED स्ट्रीटलाइट बाँटे गए हैं।
एलईडी · उजाला
प्रकाश भारत की बिजली माँग का आश्चर्यजनक रूप से बड़ा हिस्सा था, अधिकतर अक्षम बल्बों से। उजाला योजना (2015) ने थोक खरीद से एक LED बल्ब की कीमत लगभग ₹300 से ₹70 से कम तक गिराई और लगभग 37 करोड़ बाँटे, साथ ही एक करोड़ से अधिक LED स्ट्रीटलाइट। काउंटर उजाला के तहत बाँटे गए LED बल्ब दिखाता है।

| वर्ष | LED bulbs distributed |
|---|---|
| 2015 | 3 crore |
| 2016 | 15 crore |
| 2017 | 25 crore |
| 2018 | 30 crore |
| 2019 | 34 crore |
| 2020 | 36 crore |
| 2021 | 37 crore |
| 2022 | 37 crore |
| 2023 | 37 crore |
| 2024 | 37 crore |
यह क्यों मायने रखता है कुशल प्रकाश घरों के बिजली बिल घटाता है और महँगी नई बिजली क्षमता बनाने से बचाता है — बड़े पैमाने पर ऊर्जा व उत्सर्जन बचाने के सबसे सस्ते तरीकों में से एक।
- LED बल्ब: 0 → ~37 करोड़ बाँटे गए (2015→2024)
- LED कीमत गिरी ~₹300 → ₹70 से कम; 1 करोड़+ स्ट्रीटलाइट
- स्रोत: EESL (उजाला)
इतिहास
प्रमुख प्रभाव
यह योजना एक दुर्लभ जीत-जीत है: सस्ते बल्ब घरों के बिजली बिल घटाते हैं, जबकि कम शिखर माँग ने देश को महँगे नए बिजली संयंत्र बनाने से बचाया। उजाला हर साल बिजली लागत में दसियों हज़ार करोड़ बचाने और करोड़ों टन CO2 से बचने का अनुमान है — दुनिया के सबसे बड़े व सबसे लागत-प्रभावी ऊर्जा-दक्षता कार्यक्रमों में से एक।
यह कैसे काम करता है
उजाला थोक खरीद व पैमाने से चलता है। करोड़ों LED बल्बों की मांग एकत्र करके, एक सरकारी एजेंसी ने कीमत नाटकीय रूप से घटाई, फिर उन्हें बाज़ार लागत के अंश पर घरों को बेचा — कभी बिजली बिल के ज़रिए किस्तों पर। चूंकि LED पुराने बल्ब के अंश बिजली लेता है, बचत तुरंत परिवार के बिल व देश की शिखर बिजली मांग दोनों पर दिखती है।
आगे की राह
योजना ने लगभग 37 करोड़ LED बल्ब वितरित किए व एक करोड़+ स्ट्रीटलाइट आधुनिक किए, सबके लिए LED कीमतें गिराईं व हर साल अरबों यूनिट बिजली बचाई। आसान लाभ लगभग हो चुके — अगला कदम दक्षता का अगला स्तर है: कुशल पंखे, AC व उपकरण (स्टार लेबलिंग), व स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग।
आगे का रास्ता
आसान लाभ काफ़ी हद तक पूरे हो चुके — अगला क़दम दक्षता-प्रयास को पंखों, एयर-कंडीशनरों व उपकरणों (जहाँ माँग अब सबसे तेज़ बढ़ रही है) तक ले जाना और लाइटिंग ई-कचरे का प्रबंधन है।
आँकड़ों में
0 → ~37 करोड़ LED बल्ब (2015→2024)। LED कीमत ~₹300 → ₹70 से कम। 1 करोड़+ LED स्ट्रीटलाइट। दुनिया की सबसे बड़ी दक्षता योजनाओं में। स्रोत: EESL, विद्युत मंत्रालय।
स्रोत: EESL (UJALA) — LED bulbs distributed (crore), 2015–2024.