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इलेक्ट्रिक वाहन

इलेक्ट्रिक वाहन

2014 में भारत में इलेक्ट्रिक वाहन मुश्किल से मौजूद थे। एक दशक बाद, वार्षिक EV बिक्री 20 लाख प्रति वर्ष की ओर बढ़ी है, जो दोपहिया और तिपहिया वाहनों से संचालित और FAME योजनाओं तथा 2024 से PM E-DRIVE द्वारा समर्थित है। लगभग 50 लाख EV अब सड़क पर हैं और EV हिस्सेदारी दहाई अंकों के करीब है। काउंटर वार्षिक EV बिक्री दिखाता है।

Public EV charging station, Dept of Power, Govt of Kerala and EESL, Idukki Dam Park, Kerala
Public EV charging station, Dept of Power, Govt of Kerala and EESL, Idukki Dam Park, Kerala · This Photo was taken by Timothy A. Gonsalves . Feel free to use my photos, but p · CC BY-SA 4.0 · Wikimedia Commons
0.2 → 20 lakh
वार्षिक EV बिक्री
~50 lakh
सड़क पर EV
FAME I/II
+ PM E-DRIVE (2024)
EV sales per year
Annual EV sales
वर्षAnnual EV sales
20140 lakh
20150 lakh
20161 lakh
20171 lakh
20181 lakh
20192 lakh
20201 lakh
20213 lakh
202210 lakh
202315 lakh
202420 lakh
202520 lakh
2014
0lakh
Annual EV sales
20142025
Since 2014
Added
+20 lakh
2014
0 lakh
2025
20 lakh

यह क्यों मायने रखता है इलेक्ट्रिक वाहन तेल आयात और शहरी वायु प्रदूषण घटाते हैं, और भारत के स्वच्छ-परिवहन तथा नेट-ज़ीरो लक्ष्यों के केंद्र में हैं।

  • वार्षिक EV बिक्री: ~0.2 लाख (2014) → ~20 लाख (2024-25)
  • ~50 लाख EV सड़क पर; दोपहिया व तिपहिया अग्रणी; FAME / PM E-DRIVE
  • स्रोत: MoRTH / Vahan

इतिहास

2014 में भारत के ऑटो बाज़ार में इलेक्ट्रिक वाहन नगण्य थे। सरकारी समर्थन ने इसे बदला: FAME I (2015) और FAME II (2019, ₹10,000 करोड़) ने EV खरीद व चार्जिंग को सब्सिडी दी, और 2024 में PM E-DRIVE आया। वार्षिक EV बिक्री कुछ हज़ार से बढ़कर 2024-25 तक लगभग 20 लाख प्रति वर्ष हुई, लगभग 50 लाख EV अब सड़क पर हैं।

प्रमुख रुझान

वृद्धि का नेतृत्व दोपहिया और तिपहिया वाहन करते हैं, जो भारतीय शहरों और छोटी यात्राओं के अनुकूल हैं, कई शहरों में इलेक्ट्रिक बसें सार्वजनिक परिवहन बढ़ा रही हैं। ओला इलेक्ट्रिक, टीवीएस, एथर और टाटा मोटर्स जैसे घरेलू निर्माता बढ़े, चार्जिंग नेटवर्क विस्तृत हुए, और राज्यों ने अपने EV प्रोत्साहन जोड़े। नई बिक्री में EV हिस्सेदारी दहाई अंकों के करीब है।

यह कैसे काम करता है

भारत का EV प्रयास कारों से नहीं बल्कि दो- व तीन-पहिया वाहनों से चलता है — स्कूटर व ऑटो जो अधिकांश भारतीय उपयोग करते हैं। सरकारी योजनाएं (FAME, अब PM E-DRIVE) खरीद सब्सिडी देती हैं जो पेट्रोल से मूल्य-अंतर घटाती, चार्जिंग स्टेशन वित्तपोषित करती, व इलेक्ट्रिक बसों का समर्थन करती हैं। घर में बैटरी व सेल बनाने हेतु अलग प्रोत्साहन आपूर्ति शृंखला बनाने का लक्ष्य रखता है।

आगे की राह

EV बिक्री लगभग 20 लाख प्रति वर्ष पार, इलेक्ट्रिक अब नए वाहनों का लगभग 7-8% — मुख्यतः दो- व तीन-पहिया वाहन, जबकि इलेक्ट्रिक कारें छोटा हिस्सा। लक्ष्य 2030 तक 30% EV पैठ। संक्रमण अभी शुरुआती है — अगले कदम घने चार्जिंग नेटवर्क, सस्ती घरेलू बैटरी, व स्वच्छ ग्रिड बिजली हैं, ताकि इलेक्ट्रिक होना वास्तव में उत्सर्जन व तेल आयात घटाए।

आगे का रास्ता

यह संक्रमण अभी शुरुआती है — अगले क़दम हैं चार्जिंग को बड़े शहरों से आगे फैलाना, अधिक बैटरी सेल घर में बनाना, और रेंज व पुनर्विक्रय में विश्वास बढ़ाना ताकि EV कारों व लंबी-दूरी परिवहन में भी आएँ।

आँकड़ों में

~0.2 → ~20 लाख वार्षिक EV बिक्री (2014→2025)। सड़क पर ~50 लाख EV। दोपहिया व तिपहिया अग्रणी। FAME I/II, PM E-DRIVE। स्रोत: MoRTH, Vahan, SMEV।

स्रोत: MoRTH / Vahan — annual electric-vehicle sales (lakh), 2014–2025.