2014 में भारत के ऑटो बाज़ार में इलेक्ट्रिक वाहन नगण्य थे। सरकारी समर्थन ने इसे बदला: FAME I (2015) और FAME II (2019–2024, ₹11,500 करोड़) ने EV खरीद व चार्जिंग को सब्सिडी दी, और 2024 में PM E-DRIVE आया। वार्षिक EV बिक्री कुछ हज़ार से बढ़कर 2025 में 23 लाख हुई, लगभग 50 लाख EV अब सड़क पर हैं।
इलेक्ट्रिक वाहन
2014 में भारत में इलेक्ट्रिक वाहन मुश्किल से मौजूद थे। एक दशक बाद, 2025 में EV बिक्री 23 लाख तक पहुँची, जो दोपहिया और तिपहिया वाहनों से संचालित और FAME योजनाओं तथा 2024 से PM E-DRIVE द्वारा समर्थित है। लगभग 50 लाख EV अब सड़क पर हैं और EV हिस्सेदारी दहाई अंकों के करीब है। काउंटर वार्षिक EV बिक्री दिखाता है।

| वर्ष | प्रति वर्ष EV बिक्री |
|---|---|
| 2014 | 0.2 लाख |
| 2015 | 0.3 लाख |
| 2016 | 0.5 लाख |
| 2017 | 0.9 लाख |
| 2018 | 1.3 लाख |
| 2019 | 1.7 लाख |
| 2020 | 1.2 लाख |
| 2021 | 3.3 लाख |
| 2022 | 10.2 लाख |
| 2023 | 15.3 लाख |
| 2024 | 19.5 लाख |
| 2025 | 23.0 लाख |
यह क्यों मायने रखता है इलेक्ट्रिक वाहन तेल आयात और शहरी वायु प्रदूषण घटाते हैं, और भारत के स्वच्छ-परिवहन तथा नेट-ज़ीरो लक्ष्यों के केंद्र में हैं।
- वार्षिक EV बिक्री: ~0.2 लाख (2014) → 23 लाख (2025)
- ~50 लाख EV सड़क पर; दोपहिया व तिपहिया अग्रणी; FAME / PM E-DRIVE
- स्रोत: MoRTH / Vahan





इतिहास
प्रमुख रुझान
वृद्धि का नेतृत्व दोपहिया और तिपहिया वाहन करते हैं, जो भारतीय शहरों और छोटी यात्राओं के अनुकूल हैं, कई शहरों में इलेक्ट्रिक बसें सार्वजनिक परिवहन बढ़ा रही हैं। ओला इलेक्ट्रिक, टीवीएस, एथर और टाटा मोटर्स जैसे घरेलू निर्माता बढ़े, चार्जिंग नेटवर्क विस्तृत हुए, और राज्यों ने अपने EV प्रोत्साहन जोड़े। नई बिक्री में EV हिस्सेदारी दहाई अंकों के करीब है।
यह कैसे काम करता है
भारत का EV प्रयास कारों से नहीं बल्कि दो- व तीन-पहिया वाहनों से चलता है — स्कूटर व ऑटो जो अधिकांश भारतीय उपयोग करते हैं। सरकारी योजनाएं (FAME, अब PM E-DRIVE) खरीद सब्सिडी देती हैं जो पेट्रोल से मूल्य-अंतर घटाती, चार्जिंग स्टेशन वित्तपोषित करती, व इलेक्ट्रिक बसों का समर्थन करती हैं। घर में बैटरी व सेल बनाने हेतु अलग प्रोत्साहन आपूर्ति शृंखला बनाने का लक्ष्य रखता है।
आगे की राह
EV बिक्री 2025 में 23 लाख पहुँची — एक दशक पहले लगभग शून्य से — इलेक्ट्रिक अब नए वाहनों का लगभग 7-8%, दो- व तीन-पहिया वाहनों के नेतृत्व में जहाँ भारत पहले ही दुनिया के सबसे बड़े बाज़ारों में है। लक्ष्य 2030 तक 30% EV पैठ, जिसे FAME, पीएम ई-ड्राइव योजना, उन्नत बैटरियों हेतु PLI, व राष्ट्रीय राजमार्ग ग्रिड पर फैलता चार्जिंग नेटवर्क समर्थन देते हैं।
आँकड़ों में
~0.2 → 23 लाख वार्षिक EV बिक्री (2014→2025)। सड़क पर ~50 लाख EV। दोपहिया व तिपहिया अग्रणी। FAME I/II, PM E-DRIVE। स्रोत: MoRTH, Vahan, SMEV।
आँकड़े इस तिथि तक: कैलेंडर वर्ष 2025
स्रोत: MoRTH / वाहन, PIB के माध्यम से — प्रति कैलेंडर वर्ष बिके इलेक्ट्रिक वाहन (लाख), 2014–2025। PIB: 2016 में लगभग 50,000 EV की बिक्री से 2025 में 2.3 मिलियन तक, जिसमें दोपहिया (12.8 लाख) और तिपहिया (8 लाख) वाहन अग्रणी रहे। · लिंक