2014 में भारत के मुश्किल से आधे परिवारों की स्वच्छ रसोई गैस तक पहुँच थी; करोड़ों लोग धुएँदार लकड़ी और कोयले पर खाना पकाते। 2016 में शुरू हुई प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने ग़रीब महिलाओं को जमा-मुक्त LPG कनेक्शन दिए, और भारत का सक्रिय LPG उपभोक्ता आधार लगभग दोगुना हुआ — 2014 के 14.52 करोड़ से 2025 तक 32.97 करोड़ — कवरेज को लगभग 62% से लगभग-सार्वभौमिक की ओर ले जाते हुए।
स्वच्छ ईंधन और गैस
2014 में भारत के आधे से भी कम परिवारों के पास स्वच्छ रसोई-गैस कनेक्शन था; कई महिलाएँ धुएँदार लकड़ी और कोयले पर खाना पकातीं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (2016) ने ग़रीब महिलाओं को 10 करोड़ से अधिक जमा-मुक्त LPG कनेक्शन दिए, और भारत का सक्रिय LPG उपभोक्ता आधार 2014 के 14.52 करोड़ से बढ़कर 2025 तक 32.97 करोड़ हुआ — लगभग सार्वभौमिक कवरेज। काउंटर सक्रिय LPG उपभोक्ता करोड़ में दिखाता है।

| वर्ष | LPG consumers |
|---|---|
| 2014 | 15 crore |
| 2015 | 17 crore |
| 2016 | 20 crore |
| 2017 | 23 crore |
| 2018 | 25 crore |
| 2019 | 27 crore |
| 2020 | 29 crore |
| 2021 | 30 crore |
| 2022 | 31 crore |
| 2023 | 31 crore |
| 2024 | 32 crore |
| 2025 | 33 crore |
यह क्यों मायने रखता है स्वच्छ रसोई ईंधन घरेलू वायु प्रदूषण घटाता है — बीमारी का बड़ा कारण — और महिलाओं के लकड़ी इकट्ठा करने के घंटे बचाता है।
- LPG उपभोक्ता: 14.52 करोड़ (2014) → 32.97 करोड़ (2025)
- उज्ज्वला: ग़रीब महिलाओं को 10.5 करोड़+ कनेक्शन
- स्रोत: पेट्रोलियम मंत्रालय / PPAC
इतिहास
प्रमुख पहल
उज्ज्वला ने 10.5 करोड़ से अधिक कनेक्शन जारी किए हैं, 2.0 चरण में प्रत्येक में मुफ़्त पहला रिफ़िल और चूल्हा शामिल। सरकार ग़रीब परिवारों के लिए रिफ़िल किफ़ायती रखने हेतु लक्षित सब्सिडी (₹300 प्रति सिलेंडर) जारी रखती है, और IEA ने इस योजना को ऊर्जा ग़रीबी समाप्त करने में गेम-चेंजर माना है।
यह कैसे काम करता है
PM उज्ज्वला योजना लकड़ी व गोबर पर खाना बनाने की स्वास्थ्य-समस्या से ग़रीब महिलाओं को एक निःशुल्क (जमा-मुक्त) LPG कनेक्शन — सिलेंडर, रेगुलेटर व चूल्हा — उनके नाम पर देकर निपटती है। असली चुनौती पहला कनेक्शन नहीं बल्कि रिफिल है: गैस महंगी होने से, सरकार एक लक्षित प्रति-सिलेंडर सब्सिडी जोड़ती है ताकि लाभार्थी स्वच्छ ईंधन उपयोग करते रहें।
आगे की राह
उज्ज्वला ने 10.3 करोड़+ कनेक्शन दिए, और भारत का समग्र LPG कवरेज लगभग 62% (2016) से बढ़कर लगभग-सार्वभौमिक हुआ। अगला कदम कनेक्शन को स्थिर उपयोग में बदलना — रिफिल को सस्ता रखना (₹300-प्रति-सिलेंडर सब्सिडी), छोटे 5-किलो सिलेंडर व पाइप गैस बढ़ाना, ताकि महिलाओं के स्वास्थ्य-लाभ टिकें।
आगे का रास्ता
अगला क़दम कनेक्शनों को नियमित उपयोग में बदलना है — रिफ़िल किफ़ायती रखना ताकि अधिक परिवार लकड़ी से स्वच्छ रसोई गैस की ओर टिकाऊ रूप से बढ़ें।
आँकड़ों में
14.52 → 32.97 करोड़ LPG उपभोक्ता (2014→2025)। 10.5 करोड़+ उज्ज्वला कनेक्शन। ~62% → ~100% LPG कवरेज। स्रोत: पेट्रोलियम मंत्रालय, PPAC, IEA।
स्रोत: Ministry of Petroleum / PPAC — active domestic LPG consumers (crore), 2014–2025.