मुठ्ठी भर प्लेटफ़ॉर्म भारतीय ई-कॉमर्स पर हावी थे, उच्च कमीशन लेते हुए। ONDC (2022) ने UPI का विचार लिया: एक ओपन प्रोटोकॉल ताकि कोई भी खरीदार ऐप किसी भी विक्रेता ऐप से जुड़ सके।
ई-कॉमर्स · ONDC
ONDC — ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स — खरीदारी के लिए वही करता है जो UPI ने भुगतान के लिए किया: यह ई-कॉमर्स को 'unbundle' करता है ताकि कोई भी खरीदार ऐप किसी भी विक्रेता ऐप से एक ओपन प्रोटोकॉल पर जुड़ सके। 2022 में शुरू, यह छोटी किराना दुकानों, कारीगरों व स्थानीय व्यवसायों को कुछ दिग्गज प्लेटफ़ॉर्मों में बंधे बिना देशभर के ग्राहकों तक पहुंचने देता है। यह समयरेखा इसके उदय को दर्शाती है।

यह क्यों मायने रखता है बड़े प्लेटफ़ॉर्मों के 'वॉल्ड गार्डन' तोड़कर, ONDC फ़ीस घटा सकता है, विकल्प बढ़ा सकता है, और लाखों छोटे विक्रेताओं को डिजिटल अर्थव्यवस्था में उचित मौका दे सकता है।
- ई-कॉमर्स के लिए ओपन प्रोटोकॉल (2022)
- लाखों मासिक लेनदेन; रिटेल, फूड, मोबिलिटी
- स्रोत: DPIIT / ONDC
इतिहास
कॉमर्स को unbundle करना
ONDC पर एक छोटी किराना दुकान, बुनकर या रेस्तरां को कई अलग ऐप्स पर ग्राहक खोज सकते हैं, किसी एक दिग्गज से जुड़े बिना। यह रिटेल, फूड, किराना व मोबिलिटी तक बढ़ा, लाखों मासिक लेनदेन तक पहुंचते हुए।
यह कैसे काम करता है
ONDC ई-कॉमर्स को कुछ चारदीवारी बाग़ों से बाहर निकालने की कोशिश करता है। विक्रेता को एक प्लेटफ़ॉर्म में बंद रहने के बजाय, ONDC एक खुला नेटवर्क है: कोई भी खरीदार ऐप साझा प्रोटोकॉल से किसी भी विक्रेता ऐप से जुड़ सकता है, जैसे किसी भी बैंक का UPI ऐप किसी अन्य को भुगतान कर सकता है। एक छोटी दुकान एक बार सूचीबद्ध होती है और कई ऐप्स के खरीदारों को दिखती है — ताकि किराना दुकान या कारीगर एक प्रभावी बाज़ार में फँसे या दबे बिना ग्राहकों तक पहुँचे।
आगे की राह
ONDC गतिशीलता, खाद्य वितरण व खुदरा में तेज़ी से बढ़ा है, नेटवर्क से हर माह लाखों लेनदेन बहते हुए। आगे परीक्षा पैमाना व भरोसा है — विकेंद्रीकृत नेटवर्क पर गुणवत्ता नियंत्रण, विश्वसनीय वितरण व विवाद-समाधान बनाना, महत्वपूर्ण द्रव्यमान तक पहुँचने हेतु पर्याप्त छोटे विक्रेता व खरीदार ऐप जोड़ना, और यह साबित करना कि यह बड़े प्लेटफ़ॉर्मों की पकड़ को वास्तव में ढीला कर सकता है, न कि केवल एक आशाजनक प्रयोग बना रहे।
आगे का रास्ता
आगे की परीक्षा पैमाना व विश्वास है — एक ओपन नेटवर्क पर गुणवत्ता, रिटर्न व लॉजिस्टिक्स बनाना ताकि ONDC की तेज़ी से बढ़ती मात्रा बड़े प्लेटफ़ॉर्मों से मुक़ाबला कर सके।
आंकड़ों में
ओपन कॉमर्स प्रोटोकॉल 2022 में शुरू; लाखों मासिक लेनदेन। स्रोत: DPIIT / ONDC।
स्रोत: DPIIT / ONDC — Open Network for Digital Commerce milestones, 2021–2025.