सिंगापुर या दुबई की टक्कर का एक भारतीय वित्तीय केंद्र बनाने का विचार गांधीनगर में साकार हुआ। गिफ्ट सिटी भारत का पहला अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC) बना व 2020 में उसे एक समर्पित एकीकृत नियामक मिला।
गिफ्ट सिटी · IFSC
गिफ्ट सिटी — गांधीनगर में गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी — भारत का पहला परिचालनरत अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC) है। यह बैंकों, फंडों व बीमाकर्ताओं को एक ही नियामक के तहत भारतीय धरती पर वैश्विक, विदेशी-मुद्रा कारोबार करने देता है। काउंटर IFSC बैंकिंग परिसंपत्तियों को मार्च 2020 के लगभग $14 अरब से मार्च 2025 में $88.5 अरब और मार्च 2026 में $111 अरब तक चढ़ते दिखाता है।

| वर्ष | IFSC बैंकिंग परिसंपत्तियाँ |
|---|---|
| 2020 | 14.1 $ अरब |
| 2021 | 15.0 $ अरब |
| 2022 | 29.4 $ अरब |
| 2023 | 38.3 $ अरब |
| 2024 | 60.3 $ अरब |
| 2025 | 88.5 $ अरब |
| 2026 | 111.0 $ अरब |
यह क्यों मायने रखता है दशकों तक, भारतीय कंपनियाँ सिंगापुर, दुबई या लंदन में डॉलर जुटाती व डेरिवेटिव का व्यापार करती थीं। गिफ्ट सिटी उस कारोबार को घर लाने का लक्ष्य रखता है — कर प्रोत्साहन, एकीकृत नियामक व वैश्विक-स्तरीय नियमों के साथ — उच्च-मूल्य वित्त नौकरियाँ बनाते व भारत के पूँजी बाज़ारों को गहरा करते हुए।
- गिफ्ट-IFSC को एक एकल एकीकृत नियामक, IFSCA द्वारा नियंत्रित किया जाता है, जो 2020 में बना।
- वहाँ 1,000 से अधिक संस्थाएँ पंजीकृत हैं (नवंबर 2025 में 1,034+), जिनमें 38 बैंक शामिल हैं।
- IFSC बैंकिंग परिसंपत्तियाँ ~$14 अरब (मार्च 2020) से बढ़कर $111 अरब (मार्च 2026) हुईं।
- भारत अंतरराष्ट्रीय बुलियन एक्सचेंज (IIBX) जुलाई 2022 में गिफ्ट सिटी में शुरू हुआ।

इतिहास
उल्लेखनीय उपलब्धि
2020 में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (IFSCA) एक एकल नियामक के रूप में स्थापित हुआ जिसने क्षेत्र के भीतर RBI, SEBI व अन्य की जगह ली — भारत के लिए पहली बार। गिफ्ट सिटी में अब 1,000 से अधिक पंजीकृत संस्थाएँ हैं, 38 बैंकों सहित, व जुलाई 2022 में भारत अंतरराष्ट्रीय बुलियन एक्सचेंज (IIBX) शुरू हुआ।
यह कैसे काम करता है
गिफ्ट-IFSC को विनिमय-नियंत्रण हेतु एक विदेशी अधिकार-क्षेत्र माना जाता है: कारोबार विदेशी मुद्रा (मुख्यतः अमेरिकी डॉलर) में होता है, कर-छूट व हल्के नियमों के साथ। इससे भारतीय व वैश्विक कंपनियाँ बैंकिंग, फंड प्रबंधन, बीमा, विमान व जहाज़ पट्टे, व बुलियन व्यापार चला सकती हैं जो पहले विदेश में दर्ज होता था।
आगे की राह
आँकड़े तेज़ी से बढ़े हैं: IFSC बैंकिंग परिसंपत्तियाँ मार्च 2020 के ~$14 अरब से बढ़कर मार्च 2025 में $88.5 अरब और मार्च 2026 में $111 अरब हुईं, व सैकड़ों फंड अब गिफ्ट से दसियों अरब डॉलर प्रबंधित करते हैं। विमान पट्टा — लंबे समय से आयरलैंड से — भी देश में लाया जा रहा है।
आँकड़ों में
$111 अरब IFSC बैंकिंग परिसंपत्तियाँ (मार्च 2026), $14.1 अरब (मार्च 2020) और $88.5 अरब (मार्च 2025) से। 1,034+ पंजीकृत संस्थाएँ। 38 बैंक। IIBX — जुलाई 2022 में शुरू हुआ बुलियन एक्सचेंज। IFSCA — एकीकृत नियामक, अप्रैल 2020 से परिचालन में। स्रोत: IFSCA वार्षिक रिपोर्ट व बुलेटिन; PIB।
आँकड़े इस तिथि तक: 31 मार्च 2026
स्रोत: IFSCA — गिफ्ट IFSC में IFSC बैंकिंग इकाइयों की कुल परिसंपत्तियाँ (US$ अरब), 31 मार्च की स्थिति। IFSCA बुलेटिन, वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी–मार्च 2026): मार्च 2026 में $111 अरब (लिंक); IFSCA बुलेटिन, जनवरी–मार्च 2025: मार्च 2025 में $88.51 अरब; पहले के वर्ष IFSCA वार्षिक रिपोर्ट 2020-21 (2020 में $14.10 अरब, 2021 में $14.98 अरब), 2022-23 (2022 में $29.38 अरब, 2023 में $38.29 अरब) और 2023-24 (2024 में $60.25 अरब) से। · लिंक