भारत–UAE व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता 1 मई 2022 को लागू हुआ; वाणिज्य विभाग ने कहा कि भारत को UAE की 97% से अधिक टैरिफ़ लाइनों पर तरजीही पहुँच मिलेगी, जो मूल्य के हिसाब से UAE को भारत के 99% निर्यात को कवर करती हैं, विशेष रूप से फ़र्नीचर सहित श्रम-प्रधान क्षेत्रों के लिए। अक्टूबर 2023 से एक गुणवत्ता नियंत्रण आदेश के तहत कार्यालयों, मॉल, हवाई अड्डों, रेस्तराँ, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे सार्वजनिक स्थानों में प्रयुक्त ग़ैर-घरेलू फ़र्नीचर के असबाब का IS 15768:2008 के अनुरूप होना अनिवार्य हुआ। यह आदेश सार्वजनिक उपयोग के लिए असबाबदार कपड़े वाले पूर्ण फ़र्नीचर या उप-संयोजनों के आयात पर भी लागू है, जिसमें उद्योग के अनुरोध पर 31 मार्च 2025 तक छूट दी गई। सितंबर 2024 में वस्त्र मंत्रालय ने बताया कि उसने DPIIT से फ़र्नीचर के गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों में IS 15768:2008 को शामिल करने का अनुरोध किया है।
फ़र्नीचर
यह पृष्ठ 2022 से फ़र्नीचर पर सरकार के दिनांकित उपाय दर्ज करता है: उत्पाद मानक, कर दरें और व्यापार समझौते। फ़रवरी 2025 में जारी एक गुणवत्ता नियंत्रण आदेश कुर्सियों, स्टूल, मेज़, डेस्क, भंडारण इकाइयों और बिस्तरों के भारतीय मानकों को बड़े उद्योगों के लिए 13 फ़रवरी 2026 से और MSME के लिए 13 अगस्त 2026 से अनिवार्य बनाता है। 22 सितंबर 2025 से बाँस, रतन और बेंत के फ़र्नीचर पर GST 12% से घटकर 5% हो गया। UAE, ओमान और यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौतों में फ़र्नीचर उन श्रम-प्रधान उत्पादों में शामिल है जिन्हें कम या शून्य शुल्क मिला है।

यह क्यों मायने रखता है फ़र्नीचर में फ़ैक्टरी में बनी दफ़्तर की कुर्सियों से लेकर हाथ से बनी लकड़ी और बाँस की वस्तुएँ तक शामिल हैं, इसलिए गुणवत्ता, कर और व्यापार के नियम बड़े निर्माताओं और कारीगरों दोनों तक पहुँचते हैं। अनिवार्य मानक बेचे या आयात किए जाने वाले उत्पादों के लिए न्यूनतम आवश्यकताएँ तय करते हैं, जबकि अग्नि-सुरक्षा नियम भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों में प्रयुक्त फ़र्नीचर पर लागू होते हैं। विदेशों में कम शुल्क निर्यात बाज़ारों में भारतीय फ़र्नीचर की प्रतिस्पर्धा क्षमता को प्रभावित करते हैं।
- फ़र्नीचर (गुणवत्ता नियंत्रण) आदेश, S.O. 801(E) दिनांक 14 फ़रवरी 2025: बड़े उद्योगों के लिए 13 फ़रवरी 2026 से और MSME के लिए 13 अगस्त 2026 से अनिवार्य (BIS, PIB के माध्यम से)
- सार्वजनिक स्थानों के ग़ैर-घरेलू फ़र्नीचर के असबाब का IS 15768:2008 के अनुरूप होना अनिवार्य, अक्टूबर 2023 से प्रभावी (वस्त्र मंत्रालय, PIB के माध्यम से)
- बाँस, रतन और बेंत के फ़र्नीचर पर GST: 22 सितंबर 2025 से 12% → 5% (56वीं GST परिषद)
- भारत–EU FTA (जनवरी 2026) भारतीय लकड़ी, बाँस और हस्तनिर्मित फ़र्नीचर पर 10.5% तक के शुल्क घटाता है
- भारत–ओमान CEPA (दिसंबर 2025): फ़र्नीचर सहित श्रम-प्रधान क्षेत्रों पर टैरिफ़ पूरी तरह समाप्त
- अनिवार्य BIS प्रमाणन के लिए 769 उत्पादों को कवर करने वाले 187 गुणवत्ता नियंत्रण आदेश अधिसूचित (मार्च 2025)

इतिहास
उल्लेखनीय उपलब्धि
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने फ़र्नीचर गुणवत्ता नियंत्रण आदेश S.O. 801(E), दिनांक 14 फ़रवरी 2025, जारी किया। इसके तहत वर्क चेयर, सामान्य उपयोग की कुर्सियों, स्टूल, मेज़, डेस्क, भंडारण इकाइयों, बिस्तरों और बंक बेड के मानक बड़े उद्योगों के लिए 13 फ़रवरी 2026 से और MSME के लिए 13 अगस्त 2026 से अनिवार्य होते हैं। आदेश की जानकारी देने के लिए BIS कोयंबटूर ने 20 से 22 सितंबर 2025 तक कोयंबटूर में आयोजित हिंदुस्तान इंटरनेशनल फ़र्नीचर फ़ेयर में स्टॉल लगाया, जिसमें 2,000 से अधिक आगंतुक आए।
यह कैसे काम करता है
गुणवत्ता नियंत्रण आदेश के ज़रिये संबंधित मंत्रालय BIS के वैध लाइसेंस के तहत BIS मानक चिह्न का उपयोग अनिवार्य करता है; मार्च 2025 तक 769 उत्पादों को कवर करने वाले 187 ऐसे आदेश अनिवार्य प्रमाणन के लिए अधिसूचित हो चुके थे। फ़र्नीचर के मानकों में सामान्य उपयोग की कुर्सियों और स्टूल के लिए IS 17632:2022, बिस्तरों के लिए IS 17635:2022 और सतह फ़िनिश के प्रदर्शन पर IS 17637:2021 शामिल हैं, जिन सभी में बाद में संशोधन हुए हैं। कर के मामले में 56वीं GST परिषद ने बाँस, रतन और बेंत के फ़र्नीचर को उस हस्तशिल्प समूह में रखा जिसकी दर 22 सितंबर 2025 से 12% से घटकर 5% हुई; गुजरात पर 6 अक्टूबर 2025 के PIB तथ्य-पत्र में इस कटौती को हस्तनिर्मित लकड़ी की वस्तुओं और फ़र्नीचर पर लागू बताया गया।
आगे की राह
हाल के व्यापार समझौते बाज़ार पहुँच बढ़ाते हैं। दिसंबर 2025 में हस्ताक्षरित भारत–ओमान CEPA के तहत ओमान ने अपनी 98.08% टैरिफ़ लाइनों पर शून्य-शुल्क पहुँच दी, जो ओमान को भारत के 99.38% निर्यात को कवर करती हैं, और फ़र्नीचर सहित श्रम-प्रधान क्षेत्रों पर टैरिफ़ पूरी तरह समाप्त होंगे। भारत और EU ने 27 जनवरी 2026 को FTA वार्ता पूरी होने की घोषणा की; यह समझौता भारतीय लकड़ी, बाँस और हस्तनिर्मित फ़र्नीचर पर 10.5% तक के शुल्क घटाता है। 26 मई 2026 को BIS मुंबई ने MSME के लिए 13 अगस्त 2026 से आदेश लागू होने से पहले फ़र्नीचर निर्माताओं, MSME और उद्योग संघों के साथ संशोधित मानकों पर संगोष्ठी आयोजित की।
आँकड़ों में
14 फ़रवरी 2025 फ़र्नीचर गुणवत्ता नियंत्रण आदेश S.O. 801(E) जारी। बड़े उद्योगों और MSME के लिए अनिवार्यता की तिथियाँ 13 फ़रवरी 2026 और 13 अगस्त 2026। बाँस, रतन और बेंत के फ़र्नीचर पर GST 12% → 5% (22 सितंबर 2025)। भारत–EU FTA के तहत भारतीय लकड़ी, बाँस और हस्तनिर्मित फ़र्नीचर पर 10.5% तक के शुल्क घटे। भारतीय वस्तुओं के लिए ओमान की 98.08% टैरिफ़ लाइनों पर शून्य शुल्क। सार्वजनिक उपयोग वाले फ़र्नीचर के असबाब के लिए अग्नि-सुरक्षा मानक IS 15768:2008 (अक्टूबर 2023)। स्रोत: वित्त मंत्रालय, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, वस्त्र मंत्रालय और उपभोक्ता मामले मंत्रालय (BIS), PIB के माध्यम से।
आँकड़े इस तिथि तक: मई 2022 से मई 2026 तक के उपाय
स्रोत: वित्त मंत्रालय, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, वस्त्र मंत्रालय और BIS (PIB के माध्यम से) — समयरेखा में भारत–UAE CEPA (1 मई 2022 से लागू), ग़ैर-घरेलू असबाबदार फ़र्नीचर के लिए अग्नि-सुरक्षा गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (अक्टूबर 2023 से प्रभावी), फ़र्नीचर गुणवत्ता नियंत्रण आदेश S.O. 801(E) (फ़रवरी 2025), बाँस, रतन और बेंत के फ़र्नीचर पर GST में कटौती (22 सितंबर 2025), भारत–ओमान CEPA (दिसंबर 2025), भारत–EU FTA (जनवरी 2026) और संशोधित फ़र्नीचर मानकों पर BIS संगोष्ठी (मई 2026) की तिथियाँ हैं। मुख्य आँकड़ा: 56वीं GST परिषद की अनुशंसाएँ, 3 सितंबर 2025 (लिंक)। PIB विज्ञप्तियों में फ़र्नीचर उत्पादन या व्यापार की कोई आधिकारिक वर्षवार शृंखला नहीं मिली, इसलिए यह पृष्ठ समयरेखा के रूप में है। · लिंक