एक दशक पहले भारत बहुत कम असेंबल करता और अपने अधिकांश इलेक्ट्रॉनिक्स व फ़ोन आयात करता था। चरणबद्ध विनिर्माण योजनाओं, आयात शुल्कों और PLI प्रोत्साहनों ने इसे पलटा: इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन ~$30 अरब (FY14) से ~$127 अरब (FY25) बढ़ा, और भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता बना।
इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण
एक दशक में भारत अपने अधिकांश इलेक्ट्रॉनिक्स आयात करने से उन्हें बनाने की ओर बढ़ा। इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन लगभग छह गुना बढ़ा, लगभग $30 अरब (FY14) से $127 अरब (FY25), और मोबाइल-फ़ोन उत्पादन $2 अरब से $60 अरब पहुँचा — भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता है, ~33 करोड़ फ़ोन प्रति वर्ष बनाते हुए। भारत में बिकने वाले स्थानीय-निर्मित फ़ोनों का हिस्सा 26% से बढ़कर 99% से अधिक हुआ। काउंटर इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन दिखाता है।

| वर्ष | Electronics production |
|---|---|
| 2014 | 30 $ bn |
| 2015 | 32 $ bn |
| 2016 | 38 $ bn |
| 2017 | 49 $ bn |
| 2018 | 60 $ bn |
| 2019 | 70 $ bn |
| 2020 | 75 $ bn |
| 2021 | 76 $ bn |
| 2022 | 87 $ bn |
| 2023 | 102 $ bn |
| 2024 | 115 $ bn |
| 2025 | 127 $ bn |
| 2026 तक | 300 $ bn — सरकारी लक्ष्य |
यह क्यों मायने रखता है इलेक्ट्रॉनिक्स अब भारत के शीर्ष निर्यातों में और एक बड़ा नियोक्ता (~25 लाख नौकरियाँ) है, मेक-इन-इंडिया और आयात निर्भरता घटाने का केंद्र।
- इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन: ~$30 अरब → ~$127 अरब
- भारत-निर्मित फ़ोन: 26% → 99%+; दूसरा सबसे बड़ा निर्माता
- स्रोत: MeitY / ICEA




इतिहास
भारत में निर्मित
भारत में बिकने वाले भारत-निर्मित फ़ोनों का हिस्सा 26% से बढ़कर 99% से अधिक हुआ, और निर्यात $20 अरब पार कर गया। Apple व Samsung जैसे वैश्विक दिग्गज अब यहाँ फ़्लैगशिप मॉडल बनाते हैं, और कंपोनेंट व सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र बोए जा रहे हैं।
यह कैसे काम करता है
भारत ने अपना इलेक्ट्रॉनिक्स आधार वैसे बनाया जैसे कई एशियाई अर्थव्यवस्थाओं ने — अंतिम असेंबली (आयातित पुर्ज़ों को तैयार फ़ोन में जोड़ना) से शुरू, PLI योजना व तैयार आयात पर ऊँचे शुल्क से आकर्षित। फ़ॉक्सकॉन जैसे वैश्विक अनुबंध-निर्माता व डिक्सन जैसी भारतीय फ़र्में संयंत्र लगाती हैं; जोड़ा गया मूल्य अब भी मामूली है, पर हर वर्ष अधिक पुर्ज़े — डिस्प्ले, बैटरी, चार्जर, और जल्द चिप — स्थानीय रूप से बनते हैं।
आगे की राह
आँकड़े हड़ताली हैं: भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल-फ़ोन निर्माता है, इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन ₹11 लाख करोड़ पार कर गया, और मोबाइल निर्यात 2024-25 में $20 अरब पार हुआ। अगला लक्ष्य कंपोनेंट व चिप स्थानीयकरण है — एक नई कंपोनेंट प्रोत्साहन योजना व सेमीकंडक्टर फ़ैब भारत में वास्तव में बनाए गए मूल्य का हिस्सा बढ़ाने का लक्ष्य रखते हैं, 'भारत में असेंबल' को 'भारत में निर्मित' में बदलते हुए।
आगे का रास्ता
कठिन अगला क़दम आधार को गहरा करना है — असेंबली से डिज़ाइन की ओर बढ़ना और अधिक उच्च-मूल्य कल-पुर्ज़े व चिप घर में बनाना।
आँकड़ों में
उत्पादन ~$30 अरब → ~$127 अरब; फ़ोन 26% → 99%+ भारत-निर्मित; ~25 लाख नौकरियाँ; दुनिया का #2 मोबाइल निर्माता। स्रोत: MeitY / ICEA।
स्रोत: MeitY / ICEA — electronics production (US$ billion), FY2014–FY2025.