2021 तक, भारत में ड्रोन उड़ाना 160-पृष्ठ की नियमपुस्तिका से गुज़रना था जिसमें लगभग हर चीज़ के लिए अनुमति चाहिए थी। ड्रोन नियम 2021 ने इसे एक हल्के, विश्वास-आधारित, 35-पृष्ठ ढाँचे से बदला और घरेलू ड्रोन उद्योग बनाने के लिए एक PLI योजना जोड़ी।
ड्रोन · ड्रोन शक्ति
2021 में भारत ने अनुमति-भारी ड्रोन नियमपुस्तिका को हटाकर एक हल्की, विश्वास-आधारित से बदला, 2030 तक वैश्विक ड्रोन हब बनने का लक्ष्य रखते हुए। तब से, किसान छिड़काव व मानचित्रण के लिए किसान ड्रोन उपयोग करते हैं, नमो ड्रोन दीदी योजना ने 15,000 महिला समूहों के हाथों में कृषि-ड्रोन दिए, और स्टार्टअप नागरिक व सैन्य दोनों ड्रोन बनाते हैं। यह समयरेखा भारत के ड्रोन पारिस्थितिकी तंत्र के उदय को दर्शाती है।

यह क्यों मायने रखता है ड्रोन एक मितव्ययी भारतीय नवाचार अवसर हैं — खेती की लागत घटाते, दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुँचते, और एक नई उच्च-तकनीक विनिर्माण व रक्षा क्षमता जोड़ते हुए।
- ड्रोन नियम 2021 उदार; PLI + डिजिटल स्काई
- नमो ड्रोन दीदी: 15,000 महिला SHG; 2030 हब लक्ष्य
- स्रोत: MoCA / MoD
इतिहास
खेतों व रक्षा के लिए ड्रोन
किसान ड्रोन अब खेतों का छिड़काव व मानचित्रण करते हैं; नमो ड्रोन दीदी योजना ने 15,000 महिला समूहों को व्यवसाय के रूप में कृषि-ड्रोन दिए; और गरुड़ व आइडियाफ़ोर्ज जैसे स्टार्टअप नागरिक व सैन्य ड्रोन बनाते हैं। भारत 2030 तक वैश्विक ड्रोन हब बनने का लक्ष्य पीछा कर रहा है।
यह कैसे काम करता है
भारत ने 2021 में भारी लाइसेंसिंग हटाकर उदारीकृत ड्रोन नियमों से ड्रोन खोले, फिर स्थानीय निर्माण हेतु तैयार विदेशी ड्रोन का आयात प्रतिबंधित किया, और एक छोटा उत्पादन प्रोत्साहन जोड़ा। उपयोग तीन तरह से बँटे: कृषि (छिड़काव व फ़सल-मानचित्रण, जिसमें नमो ड्रोन दीदी योजना शामिल जो ड्रोन महिला स्वयं-सहायता समूहों के हाथ में देती है), लॉजिस्टिक्स व सर्वेक्षण, और रक्षा, जहाँ सस्ते ड्रोन आधुनिक युद्ध के केंद्र में आ गए हैं।
आगे की राह
प्रमुख अगले क़दम हज़ारों ड्रोन हेतु सुरक्षित हवाई-क्षेत्र प्रबंधन बनाना, और — सबसे अहम — गहरी घरेलू आपूर्ति शृंखला, क्योंकि भारत अब भी कई ड्रोन कंपोनेंट, मोटर व चिप आयात करता है। सैन्य माँग (हाल की सीमा झड़पों में सिद्ध) व कृषि ड्रोन का प्रसार दोहरे विकास-इंजन हैं; इनाम है भारत को ड्रोन-असेंबलर से वास्तविक ड्रोन-तकनीक निर्माता में बदलना।
आगे का रास्ता
प्रमुख अगले क़दम सुरक्षित हवाई-क्षेत्र प्रबंधन व गहरी घरेलू आपूर्ति शृंखला बनाना हैं, क्योंकि भारत अब भी कई ड्रोन कंपोनेंट व चिप आयात करता है।
आँकड़ों में
ड्रोन नियम 2021; PLI ₹120 करोड़; नमो ड्रोन दीदी 15,000 SHG; डिजिटल स्काई; 2030 वैश्विक-हब लक्ष्य। स्रोत: MoCA / MoD।
स्रोत: MoCA / MoD — India's drone-policy & ecosystem milestones, 2021–2026.