आर्थिक समीक्षा 2025-26 में उद्धृत DPIIT आँकड़ों के अनुसार भारत ने 2014-15 में 270 मिलियन टन सीमेंट का उत्पादन किया। 5 फ़रवरी 2019 को सीमेंट उद्योग का संग्रह जारी करते हुए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने 2018 में स्थापित क्षमता 509 मिलियन टन प्रति वर्ष और उत्पादन 298 मिलियन टन बताया, और प्रति व्यक्ति खपत लगभग 235 किग्रा बताई, जबकि वैश्विक औसत 520 किग्रा था। सीमेंट उत्पादन सूचकांक 2020-21 में 10.8% गिरा और 2021-22 में 20.8% बढ़ा। 10 फ़रवरी 2024 की DPIIT विज्ञप्ति में स्थापित क्षमता 600 मिलियन टन और 2022-23 में उत्पादन 391 मिलियन टन बताया गया।
सीमेंट
सीमेंट आवास, सड़कों, रेलवे और अधिकांश अन्य निर्माण में लगता है, और इसका उत्पादन उन आठ प्रमुख उद्योगों में शामिल है जिन पर आर्थिक सलाहकार कार्यालय, DPIIT हर महीने नज़र रखता है, जहाँ इसका भार 5.37% है। भारत का सीमेंट उत्पादन 2014-15 के 270 मिलियन टन से बढ़कर 2024-25 में लगभग 453 मिलियन टन हुआ, और आर्थिक समीक्षा 2025-26 भारत को चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सीमेंट उत्पादक बताती है, जिसकी स्थापित क्षमता लगभग 690 मिलियन टन है। सीमेंट पर GST की दर 22 सितंबर 2025 से 28% से घटाकर 18% की गई। काउंटर हर वित्त वर्ष का सीमेंट उत्पादन सूचकांक (आधार 2011-12 = 100) दिखाता है।

| वर्ष | प्रति वित्त वर्ष सीमेंट उत्पादन सूचकांक (2011-12 = 100) |
|---|---|
| 2015 | 118.1 index |
| 2016 | 123.5 index |
| 2017 | 122.0 index |
| 2018 | 129.7 index |
| 2019 | 147.0 index |
| 2020 | 145.7 index |
| 2021 | 130.0 index |
| 2022 | 156.9 index |
| 2023 | 170.6 index |
| 2024 | 185.7 index |
| 2025 | 197.4 index |
| 2026 | 214.6 index |
यह क्यों मायने रखता है सीमेंट की माँग सार्वजनिक और निजी निर्माण के साथ चलती है, इसलिए इसका उत्पादन अवसंरचना और आवास गतिविधि का त्वरित संकेतक है। सीमेंट भारी होता है और इसकी ढुलाई महँगी पड़ती है, इसलिए अधिकांश संयंत्र चूना-पत्थर और अन्य कच्चे माल के स्रोतों के पास स्थित हैं। इस पर लगने वाला कर सीधे घरों और सार्वजनिक निर्माण कार्यों की लागत को प्रभावित करता है।
- सीमेंट उत्पादन: 270 मिलियन टन (2014-15) → 453 मिलियन टन (2024-25) (DPIIT, आर्थिक समीक्षा 2025-26 और PIB के माध्यम से)
- स्थापित क्षमता लगभग 690 मिलियन टन; 160 एकीकृत बड़े संयंत्र, 130 ग्राइंडिंग इकाइयाँ और 62 मिनी संयंत्र (आर्थिक समीक्षा 2025-26)
- आठ प्रमुख उद्योगों के सूचकांक में 5.37% भार; 2025-26 में सीमेंट सूचकांक 8.7% बढ़ा (आर्थिक सलाहकार कार्यालय, मई 2026)
- सीमेंट पर GST 28% से घटकर 18%, 3 सितंबर 2025 को 56वीं GST परिषद की अनुशंसा पर 22 सितंबर 2025 से लागू
- प्रति व्यक्ति सीमेंट खपत लगभग 290 किग्रा, जबकि वैश्विक औसत 540 किग्रा (आर्थिक समीक्षा 2025-26)
- BIS मानक IS 18189:2023 पोर्टलैंड कैल्सिंड क्ले लाइमस्टोन सीमेंट को कवर करता है, जो क्लिंकर, कैल्सिंड क्ले और चूना-पत्थर से बनता है
इतिहास
उल्लेखनीय उपलब्धि
आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार भारत चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सीमेंट उत्पादक है, जहाँ 2024-25 में लगभग 453 मिलियन टन उत्पादन हुआ और स्थापित क्षमता लगभग 690 मिलियन टन है। आर्थिक सलाहकार कार्यालय के सूचकांक पर सीमेंट उत्पादन 2025-26 में 214.6 (आधार 2011-12 = 100) पर पहुँचा, जो पिछले वर्ष से 8.7% अधिक और 2014-15 के 118.1 से ऊपर है। सितंबर 2023 में भारत ने 2027 में नई दिल्ली में सीमेंट रसायन पर 17वीं अंतरराष्ट्रीय कांग्रेस की मेज़बानी की बोली जीती; यह बोली राष्ट्रीय सीमेंट एवं भवन सामग्री परिषद (NCCBM) ने IIT दिल्ली के साथ प्रस्तुत की थी।
यह कैसे काम करता है
उद्योग में 160 एकीकृत बड़े सीमेंट संयंत्र, 130 ग्राइंडिंग इकाइयाँ और 62 मिनी सीमेंट संयंत्र हैं, और इसका लगभग 85% हिस्सा 11 राज्यों में केंद्रित है, जिनमें राजस्थान, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और मध्य प्रदेश शामिल हैं। DPIIT अपने सीमेंट सूचना प्रणाली (CIS) पोर्टल के माध्यम से संयंत्रों से उत्पादन आँकड़े एकत्र करता है, और सरकार इन आँकड़ों का उपयोग नीतिगत निर्णयों और औद्योगिक उत्पादन सूचकांक की गणना में करती है। आठ प्रमुख उद्योगों के सूचकांक में सीमेंट का भार 5.37% है। सीमेंट BIS मानकों के अनुसार बनता है, जैसे साधारण पोर्टलैंड सीमेंट के लिए IS 269, और IS 18189:2023 पोर्टलैंड कैल्सिंड क्ले लाइमस्टोन सीमेंट को कवर करता है, जो क्लिंकर, कैल्सिंड क्ले और चूना-पत्थर से बनता है।
आगे की राह
3 सितंबर 2025 को हुई 56वीं GST परिषद की बैठक ने सीमेंट पर GST 28% से घटाकर 18% करने की अनुशंसा की, और यह बदलाव 22 सितंबर 2025 से लागू हुआ; आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार सीमेंट और निर्माण सामग्री पर GST घटने से परियोजना लागत कम होने की उम्मीद है। प्रति व्यक्ति खपत लगभग 290 किग्रा है, जबकि वैश्विक औसत 540 किग्रा है। 21 जनवरी 2026 को जारी नीति आयोग का डीकार्बोनाइज़ेशन रोडमैप अनुमान लगाता है कि सीमेंट उत्पादन 2023 के 391 मिलियन टन से बढ़कर 2070 में लगभग 2,100 मिलियन टन हो जाएगा, और कहता है कि 2070 तक क्षेत्र की कार्बन तीव्रता 0.63 से घटकर लगभग 0.09–0.13 tCO₂e प्रति टन सीमेंट होनी चाहिए।
आँकड़ों में
270 → 453 मिलियन टन सीमेंट उत्पादन (2014-15 → 2024-25)। ~690 मिलियन टन स्थापित क्षमता (आर्थिक समीक्षा 2025-26)। 118.1 → 214.6 सीमेंट उत्पादन सूचकांक, आधार 2011-12 = 100 (2014-15 → 2025-26)। आठ प्रमुख उद्योगों के सूचकांक में 5.37% भार। 22 सितंबर 2025 से सीमेंट पर GST 28% → 18%। 160 एकीकृत संयंत्र, 130 ग्राइंडिंग इकाइयाँ, 62 मिनी संयंत्र। स्रोत: आर्थिक समीक्षा 2025-26 और PIB विनिर्माण पृष्ठभूमि-पत्र (फ़रवरी 2026); आर्थिक सलाहकार कार्यालय, DPIIT (PIB के माध्यम से, 20 मई 2026); वित्त मंत्रालय (PIB के माध्यम से, 3 सितंबर 2025); DPIIT (PIB के माध्यम से); BIS; नीति आयोग (PIB के माध्यम से)।
आँकड़े इस तिथि तक: वित्त वर्ष 2025-26 (सूचकांक); वित्त वर्ष 2024-25 (टन)
स्रोत: आर्थिक सलाहकार कार्यालय, DPIIT — अप्रैल 2026 के लिए आठ प्रमुख उद्योगों के सूचकांक की विज्ञप्ति (PIB, 20 मई 2026), अनुलग्नक I: वार्षिक सीमेंट उत्पादन सूचकांक (आधार 2011-12 = 100), 2014-15 से 2025-26 (वित्त वर्ष उसके समाप्ति वर्ष से अंकित; नवीनतम वर्ष बाद की विज्ञप्तियों में संशोधित हो सकता है)। मुख्य आँकड़ा: आर्थिक समीक्षा 2025-26 में DPIIT के आँकड़े, विनिर्माण क्षेत्र पर PIB पृष्ठभूमि-पत्र (12 फ़रवरी 2026, लिंक) में सारणीबद्ध — वित्त वर्ष 2014-15 में 270 मिलियन टन और 2024-25 में 453 मिलियन टन सीमेंट उत्पादन। 2014-15 से टन में कोई आधिकारिक वर्षवार शृंखला पाठ रूप में प्रकाशित नहीं है, इसलिए चार्ट सूचकांक दिखाता है। · लिंक