एक-तिहाई भारतीयों के अब शहरी होने के साथ, स्मार्ट सिटी मिशन (2015) ने आधुनिक जीवन के लिए 100 शहर चुने — एकीकृत कमांड सेंटर, स्मार्ट उपयोगिताएँ, बेहतर सार्वजनिक स्थान व ई-गवर्नेंस — AMRUT के जल व सीवरेज उन्नयन के साथ।
स्मार्ट सिटी और शहरी नवीनीकरण
2015 में शुरू, स्मार्ट सिटी मिशन ने आधुनिक शहरी जीवन के लिए 100 शहर चुने — एकीकृत कमांड सेंटर, स्मार्ट जल व बिजली, बेहतर सार्वजनिक स्थान, ई-गवर्नेंस और गतिशीलता। AMRUT (जल व सीवरेज) के साथ, इसने लगभग ₹1.6 लाख करोड़ मूल्य की लगभग 8,000 परियोजनाएँ चलाईं, अधिकांश अब पूर्ण। काउंटर पूर्ण स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की एक सांकेतिक गणना दिखाता है।

| वर्ष | Projects completed |
|---|---|
| 2016 | 0 projects |
| 2017 | 200 projects |
| 2018 | 800 projects |
| 2019 | 1,800 projects |
| 2020 | 3,000 projects |
| 2021 | 4,200 projects |
| 2022 | 5,500 projects |
| 2023 | 6,800 projects |
| 2024 | 7,500 projects |
| 2025 | 7,600 projects |
यह क्यों मायने रखता है एक-तिहाई भारतीयों के शहरों में होने — और अधिक आने — के साथ, आधुनिक, रहने-योग्य, सुव्यवस्थित शहरी स्थान वृद्धि और जीवन की गुणवत्ता के लिए आवश्यक हैं।
- 100 शहरों में ~8,000 परियोजनाएँ, ~₹1.6 लाख करोड़
- स्मार्ट सिटी मिशन (2015) + AMRUT (सांकेतिक)
- स्रोत: MoHUA (सांकेतिक)
इतिहास
शहरी परिवर्तन
मिलकर मिशनों ने ~₹1.6 लाख करोड़ मूल्य की लगभग 8,000 परियोजनाएँ चलाईं — स्मार्ट सड़कें, एकीकृत नियंत्रण कक्ष, रिवरफ़्रंट, व डिजिटल सेवाएँ — अधिकांश अब पूर्ण, नई मेट्रो व स्वच्छ शहरों के साथ।
यह कैसे काम करता है
स्मार्ट सिटीज़ मिशन ने 100 शहर चुने, जो स्थानीय-चयनित परियोजनाओं से आधुनिक हों, नियमित नगर विभागों के बजाय समर्पित विशेष प्रयोजन वाहन (कंपनियों) द्वारा चलाए जाते हैं। प्रमुख विचार एकीकृत कमांड व नियंत्रण केंद्र है — शहर का डिजिटल 'मस्तिष्क' जो यातायात, CCTV, पानी, कचरा व आपात डेटा एक स्क्रीन पर जोड़ता है।
आगे की राह
100 शहरों में, लगभग 8,000 परियोजनाएं (लगभग ₹1.6 लाख करोड़) में से अधिकांश पूर्ण, और कमांड केंद्रों ने महामारी में अपना मूल्य सिद्ध किया। अगला कदम पायलट जेबों से पूरे शहरों तक बढ़ना — अधिकांश परियोजनाओं ने एक छोटे 'क्षेत्र-आधारित' ज़ोन को बदला, इसलिए चुनौती उन लाभों को पूरे शहर में फैलाना है।
आगे का रास्ता
अगला क़दम पायलट क्षेत्रों से पूरे शहरों तक बढ़ना है — नगरपालिका वित्त व स्टाफ़ मज़बूत करना ताकि 'स्मार्ट' लाभ चुनिंदा क्षेत्रों से आगे पहुँचें। (यहाँ परियोजना संख्या सांकेतिक है।)
आँकड़ों में
100 शहर; ~8,000 परियोजनाएँ, ~₹1.6 लाख करोड़ (सांकेतिक); स्मार्ट सिटी मिशन (2015) + AMRUT। स्रोत: MoHUA।
स्रोत: MoHUA (Smart Cities Mission) — indicative projects completed, 2016–2025.