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ग्रामीण सड़कें · PMGSY

ग्रामीण सड़कें · PMGSY

ग्रामीण भारत में करोड़ों लोगों के लिए, एक हर-मौसम सड़क अलगाव और बाज़ारों, स्कूलों व अस्पतालों तक पहुँच के बीच का अंतर है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत, हर-मौसम सड़क संपर्क वाली पात्र ग्रामीण बस्तियों का हिस्सा 2014 के आधे से कुछ अधिक से बढ़कर 2024 तक लगभग 99% हुआ, कई लाख किलोमीटर नई सड़कों के साथ। काउंटर जुड़ी हुई पात्र बस्तियों का हिस्सा दिखाता है।

The 'Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana or PMGSY is a nationwide plan in India to provide good all-weather road connectivity to unconnected vi
The 'Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana or PMGSY is a nationwide plan in India to provide good all-weather road connectivity to unconnected vi · Gopal Aggarwal from INDIA · CC BY 2.0 · Wikimedia Commons
56% → 99%
जुड़ी बस्तियाँ
several lakh km
ग्रामीण सड़कें बनीं
all-weather
हर-मौसम संपर्क
Habitations connected
Habitations connected
वर्षHabitations connected
201456 %
201563 %
201670 %
201777 %
201882 %
201987 %
202091 %
202194 %
202296 %
202398 %
202499 %
2025100 %
2014
0%
Habitations connected
20142025
Since 2014
Added
+44 %
2014
56 %
2025
100 %

यह क्यों मायने रखता है ग्रामीण सड़क संपर्क गाँव की अर्थव्यवस्थाओं को बदलता है — कृषि आय, स्कूल उपस्थिति और स्वास्थ्य पहुँच बढ़ाते हुए — और विकास के सबसे लागत-प्रभावी रूपों में से एक है।

  • जुड़ी बस्तियाँ: ~56% (2014) → ~99% (2024)
  • कई लाख किमी हर-मौसम ग्रामीण सड़कें बनीं
  • स्रोत: ग्रामीण विकास मंत्रालय (PMGSY)

इतिहास

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जो 2000 से चल रही है और पिछले दशक में बढ़ाई गई, का लक्ष्य था हर पात्र गाँव को हर-मौसम सड़क देना। पात्र ग्रामीण बस्तियों की कनेक्टिविटी 2014 के आधे से कुछ अधिक से बढ़कर 2024 तक लगभग 99% हुई, कई लाख किलोमीटर नई सड़कों और हज़ारों पुलों के साथ, अक्सर 100 किमी प्रतिदिन से अधिक निर्माण गति पर।

प्रमुख प्रभाव

अध्ययन लगातार पाते हैं कि ग्रामीण सड़कें सबसे अधिक-रिटर्न विकास निवेशों में हैं। एक नई हर-मौसम सड़क खेत-द्वार कीमतें बढ़ाती है, स्कूल उपस्थिति (ख़ासकर लड़कियों की) बढ़ाती है, स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुँच सुधारती है, और ग्रामीणों को ग़ैर-कृषि काम पर जाने देती है। बाद के चरण (PMGSY-III और IV) नेटवर्क के उन्नयन व रखरखाव और जनजातीय व दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुँचने पर केंद्रित हैं।

यह कैसे काम करता है

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) अलग-थलग गांवों को मुख्य नेटवर्क से जोड़ने वाली हर-मौसम सड़कें बनाती है — जो मानसून में नहीं बहतीं। एक जनसंख्या सीमा से ऊपर के आवास पात्र बनते हैं, एक सड़क मंजूर व मानकों पर बनती है, और बाद के चरण गांवों को बाज़ार, स्कूल व क्लीनिक से जोड़ने वाले व्यस्त मार्ग उन्नत करते हैं।

आगे की राह

PMGSY ने लगभग 99.6% पात्र आवास जोड़े, एक दशक में 4 लाख किमी+ ग्रामीण सड़कें जोड़ते हुए — बाज़ार, स्कूल व स्वास्थ्य तक गांव की पहुंच में बदलाव। नव-अनुमोदित PMGSY-IV (₹70,125 करोड़) 25,000 और अन-जुड़े आवासों को 62,500 किमी से लक्षित करता है। जारी काम टिकाऊ गुणवत्ता है, केवल पहुंच नहीं — बेहतर रखरखाव, व अपशिष्ट प्लास्टिक व कोल्ड-मिक्स से हरित निर्माण।

आगे का रास्ता

जारी काम केवल पहुँच नहीं, टिकाऊ गुणवत्ता है — रखरखाव मज़बूत करना ताकि ग्रामीण सड़कें टिकें, मानसून झेलें, और गाँव के भीतर के आख़िरी संपर्क पूरे हों।

आँकड़ों में

~56% → ~99% पात्र बस्तियाँ जुड़ीं (2014→2024)। कई लाख किमी हर-मौसम सड़कें; हज़ारों पुल। उन्नयन व रखरखाव के लिए PMGSY-III/IV। स्रोत: ग्रामीण विकास मंत्रालय, PMGSY।

स्रोत: Ministry of Rural Development (PMGSY) — share of eligible rural habitations with all-weather road connectivity, 2014–2025.