एक आँकड़ा भारत के राजमार्ग विस्तार का प्रतीक बन गया: प्रतिदिन बने किलोमीटर। राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण 2014-15 के लगभग 12 किमी/दिन से बढ़कर 2020-21 में 36.5 किमी/दिन के शिखर तक पहुँचा — पहले की दर से लगभग तीन गुना — और 2024-25 में 29.2 किमी/दिन रहा।
सड़क निर्माण गति
राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण की गति 2013–14 के लगभग 11.6 किमी प्रतिदिन से बढ़कर 2020–21 में 36.5 किमी प्रतिदिन के शिखर तक पहुँची, और 2024–25 में 29.2 किमी प्रतिदिन रही। काउंटर हर वर्ष प्रतिदिन औसतन निर्मित किलोमीटर दिखाता है।

| वर्ष | प्रतिदिन बने राष्ट्रीय राजमार्ग |
|---|---|
| 2014 | 11.6 किमी / दिन |
| 2015 | 12.1 किमी / दिन |
| 2016 | 16.6 किमी / दिन |
| 2017 | 22.6 किमी / दिन |
| 2018 | 26.9 किमी / दिन |
| 2019 | 29.7 किमी / दिन |
| 2020 | 28.1 किमी / दिन |
| 2021 | 36.5 किमी / दिन |
| 2022 | 28.6 किमी / दिन |
| 2023 | 28.3 किमी / दिन |
| 2024 | 33.8 किमी / दिन |
| 2025 | 29.2 किमी / दिन |
यह क्यों मायने रखता है तेज़ निर्माण दर का अर्थ है कि राजमार्ग नेटवर्क पहले की तुलना में कहीं तेज़ी से विस्तृत और उन्नत होता है।
- निर्माण गति: 12.1 किमी/दिन (2014-15) → 36.5 शिखर (2020-21) → 29.2 (2024-25)
- भारतमाला और पीएम गति शक्ति जैसी योजनाओं से संभव
- स्रोत: MoRTH, PIB के माध्यम से



इतिहास
क्या इसे संभव बनाया
यह तेज़ी भारतमाला परियोजना, सुव्यवस्थित भूमि अधिग्रहण, और अनुबंध मॉडलों के मिश्रण (EPC, हाइब्रिड-एन्युटी और BOT) से आई, जिसने वित्तीय जोखिम बाँटा। तकनीक ने भी मदद की — GPS-आधारित निगरानी और ड्रोन सर्वेक्षण ने समय-सीमा घटाई और हज़ारों एक-साथ चलती परियोजनाओं में निगरानी सुधारी।
यह कैसे काम करता है
'गति' — प्रतिदिन बने राजमार्ग किमी — भारत के सड़क प्रयास का मुख्य माप बनी। यह जोखिम बांटने वाले अनुबंध मॉडलों से चलती है: EPC (सरकार भुगतान, ठेकेदार बनाता), BOT (बनाने वाला टोल लेता), व HAM (हाइब्रिड), साथ ही भारतमाला के तहत तेज़ भूमि-अधिग्रहण व मंजूरी। अधिक पैसा व सरल अनुमोदन सैकड़ों परियोजनाएं एक साथ चलाते हैं।
आगे की राह
निर्माण 2013-14 के लगभग 11.6 किमी/दिन से बढ़कर 2020-21 में 36.5 किमी/दिन के शिखर तक पहुंचा, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क 2014 के 91,287 किमी से बढ़कर मार्च 2026 तक 1,46,572 किमी हुआ और सड़कों पर मंत्रालय का निवेश 2013-14 से 2024-25 के बीच 6.4 गुना बढ़ा। अगला कदम गति को पूर्णता व गुणवत्ता से मिलाना — विलंबित खंड पूरे करना, बने का रखरखाव, और बड़े आर्थिक गलियारे पूरे करना।
आँकड़ों में
12.1 → 29.2 किमी/दिन निर्माण गति (2014-15 → 2024-25)। 36.5 किमी/दिन शिखर (2020-21)। 2024-25 में 10,660 किमी निर्माण। भारतमाला, EPC/HAM अनुबंध और डिजिटल निगरानी द्वारा सक्षम। स्रोत: MoRTH, PIB के माध्यम से।
आँकड़े इस तिथि तक: वित्त वर्ष 2024-25
स्रोत: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, PIB के माध्यम से — प्रतिदिन निर्मित राष्ट्रीय राजमार्ग (निर्माण, आवंटन नहीं), वित्त वर्ष के अनुसार। PIB, दिसंबर 2025: 2014-15 में 12.1 किमी/दिन, 2020-21 में 36.5 का शिखर, 2023-24 में 33.83 और 2024-25 में 29.21 (10,660 किमी) (लिंक); 2013-14 में 11.6 किमी/दिन, PIB, जून 2025 से। · लिंक