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भारतीय डाक और लॉजिस्टिक्स

भारतीय डाक और लॉजिस्टिक्स

भारतीय डाक दुनिया का सबसे बड़ा डाक नेटवर्क चलाता है — लगभग 1.65 लाख डाकघर, अधिकांश ग्रामीण। कभी अवशेष के रूप में देखा गया, इसने खुद को फिर से खोजा: भारतीय डाक भुगतान बैंक (2018) ने करोड़ों खातों के साथ गाँवों में द्वार-बैंकिंग लाई, जबकि पार्सल व लॉजिस्टिक्स सेवाओं और पासपोर्ट/आधार काउंटरों ने डाकघरों को अंतिम-छोर सेवा केंद्रों में बदला। काउंटर IPPB खातों की एक सांकेतिक गणना दिखाता है।

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The letter box of India Post at Anand Head Office 388001, Gujarat, India. Dust shows its lack of attention in this digital world but these d · Niraj Hitesh Chauhan · CC BY-SA 4.0 · Wikimedia Commons
1.65 lakh
डाकघर (दुनिया का सबसे बड़ा)
9 cr
IPPB खाते (सांकेतिक)
2018
IPPB शुरू
IPPB accounts
IPPB accounts
वर्षIPPB accounts
20181 crore
20192 crore
20204 crore
20215 crore
20226 crore
20238 crore
20249 crore
202512 crore
2018
0crore
IPPB accounts
20182025
Since 2018
Added
+12 crore
2018
1 crore
2025
12 crore

यह क्यों मायने रखता है एक विशाल, विश्वसनीय, ग्रामीण-पहुँच नेटवर्क बैंकिंग, लाभ, ई-कॉमर्स डिलीवरी और सरकारी सेवाओं के लिए शक्तिशाली अंतिम-छोर अवसंरचना है।

  • भारतीय डाक: ~1.65 लाख डाकघर (दुनिया का सबसे बड़ा)
  • IPPB (2018) द्वार-बैंकिंग; पार्सल व लॉजिस्टिक्स वृद्धि
  • स्रोत: भारतीय डाक / IPPB (सांकेतिक)

इतिहास

भारतीय डाक दुनिया का सबसे बड़ा डाक नेटवर्क चलाता है — लगभग 1.65 लाख डाकघर, अधिकांश गाँवों में। लंबे समय से एक लुप्त होती संस्था के रूप में देखा गया, इसने खुद को अंतिम-छोर सेवा व बैंकिंग केंद्र के रूप में फिर से खोजा।

अंतिम-छोर बैंकिंग

भारतीय डाक भुगतान बैंक (2018) ने करोड़ों खातों के साथ दूरस्थ गाँवों में आधार-सक्षम, द्वार-बैंकिंग लाई, जबकि पार्सल लॉजिस्टिक्स, पासपोर्ट काउंटर व निर्यात केंद्र (डाक घर निर्यात केंद्र) ने नई भूमिकाएँ जोड़ीं।

यह कैसे काम करता है

इंडिया पोस्ट धरती का सबसे बड़ा डाक नेटवर्क चलाता है — लगभग 1.65 लाख डाकघर, अधिकांश गांवों में — मूलतः डाक हेतु, अब कहीं अधिक के लिए पुनर्भाषित। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक व पुरानी डाकघर बचत योजनाओं से, वह ग्रामीण नेटवर्क बैंक-रहितों हेतु बैंक भी है; यह आधार सेवाएं, सरकारी भुगतान, व बढ़ते ई-कॉमर्स पार्सल भी ढोता है।

आगे की राह

लगभग 1.65 लाख डाकघरों के साथ — लगभग 90% ग्रामीण — इंडिया पोस्ट उन स्थानों तक पहुंचता है जहां कोई निजी कूरियर या बैंक सेवा लायक नहीं मानता, और पेमेंट्स बैंक ने लाखों तक बुनियादी बैंकिंग पहुंचाई। जारी काम एक विशाल पुराने नेटवर्क को आधुनिक लॉजिस्टिक्स व वित्तीय-सेवा व्यवसाय में बदलना — ई-कॉमर्स पार्सल में प्रतिस्पर्धा, संचालन डिजिटलीकरण, व उस बेजोड़ पहुंच का मुद्रीकरण।

आगे का रास्ता

प्रगति पर काम एक विशाल पुरानी नेटवर्क को आधुनिक लॉजिस्टिक्स-व-बैंकिंग व्यवसाय में बदलना है, जैसे पारंपरिक डाक घटती है व निजी कूरियर प्रतिस्पर्धा करते हैं। (यहाँ खाता संख्या सांकेतिक है।)

आँकड़ों में

~1.65 लाख डाकघर (दुनिया का सबसे बड़ा); IPPB (2018), करोड़ों खाते (सांकेतिक); पार्सल व लॉजिस्टिक्स वृद्धि। स्रोत: भारतीय डाक / IPPB।

स्रोत: India Post Payments Bank — indicative account holders (crore), 2018–2025.